पितृ पक्ष - Pitru Paksha
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

काम कोई ऐसा ना जग में, जो करते हनुमान नहीं: भजन (Kaam Koi Aisa Na Jag Mein Jo Karte Hanuman Nahi)


काम कोई ऐसा ना जग में, जो करते हनुमान नहीं: भजन
काम कोई ऐसा ना जग में,
जो करते हनुमान नहीं,
फिर भी राम के दास कहाए,
हृदय में अभिमान नहीं,
फिर भी राम के दास कहाए,
हृदय में अभिमान नहीं ॥
सूरज मुख में रखने वाले,
प्रेम का भोग लगाते है,
सागर लांघन वाले पल में,
नैया पार लगाते है,
इनका रास्ता रोक सके जो,
ऐसी कोई चट्टान नहीं,
फिर भी राम के दास कहाए,
हृदय में अभिमान नहीं ॥

लखन के प्राणों के दाता,
भक्त की रक्षा करते है,
भूत पिशाच निकट नहीं आवे,
वो हनुमान से डरते है,
ले पर्वत हाथों में उड़े जो,
ऐसा कोई बलवान नहीं,
फिर भी राम के दास कहाए,
हृदय में अभिमान नहीं ॥

तेरा समर्पण देख के हनुमत,
बांह पकड़ ले जाएंगे,
तेरे मन में भक्ति भर के,
राम का दर्श कराएंगे,
‘पंकज’ जिसने नाम जपा है,
वो खोता पहचान नहीं,
फिर भी राम के दास कहाए,
हृदय में अभिमान नहीं ॥
BhaktiBharat Lyrics

काम कोई ऐसा ना जग में,
जो करते हनुमान नहीं,
फिर भी राम के दास कहाए,
हृदय में अभिमान नहीं,
फिर भी राम के दास कहाए,
हृदय में अभिमान नहीं ॥











Kaam Koi Aisa Na Jag Mein Jo Karte Hanuman Nahi in English

Kaam Koi Aisa Na Jag Mein, Jo Karte Hanuman Nahi, Phir Bhi Ram Ke Das Kahaye, Hrudaya Mein Abhimaan Nhi, Phir Bhi Ram Ke Das Kahaye, Hrudaya Mein Abhimaan Nhi ॥
यह भी जानें

Bhajan Hanuman BhajanBalaji BhajanBajrangbali BhajanHanuman Janmotsav BhajanHanuman Jyanti BhajanMangalwar BhajanTuesday BhajanHanuman Path BhajanSundar Kand Path Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

नवीनतम भजन ›

माँ तैनूं मिलने लाई

माँ तैनूं मिलने लाई दूरों चल आया हाँ, निकी-निकी कंजकां लाई चूड़ियां लै आया हाँ। नाले तिन पिंडियां दा शिंगार, शेरां वाली नूं चढ़ाउन लाई, लाल चुन्नी वी मैं लै के आया, नाल शेरां वाली नूं चढ़ाउन लाई।

ॐ शंकर शिव भोले उमापति महादेव - भजन

ॐ शंकर शिव भोले उमापति महादेव, पालनहार परमेश्वर, विश्वरूप महादेव, महादेव, महादेव...

कितना रोई पार्वती, शिवनाथ के लिए - भजन

कितना रोई पार्वती, शिवनाथ के लिए, मैं तो प्राण भी तज दूंगी, भोलेनाथ के लिए, सबने कितना समझाया, पर ना मानी महामाया ॥

शिव पार्वती ने तुम्हे, वरदान दे दिया: भजन

कलयुग में भव से पार, चाहो भक्तो जो जाना, गौरी गजाननन को सदा, मन से ही ध्याना, भक्तो के मन में तुमने, अपना स्थान कर दिया,
श्री गणेश ये कलयुग, तुम्हारे नाम कर दिया ॥

शीश गंग अर्धंग पार्वती - भजन

शीश गंग अर्धंग पार्वती सदा विराजत कैलासी। नंदी भृंगी नृत्य करत हैं, धरत ध्यान सुर सुखरासी॥

मैं भोला पर्वत का - शिव भजन

मैं भोला पर्वत का, रै तू राणी महला की, तेरी मेरी पार पड़ै ना, बेशक लिखी पहला की..

पार्वती बोली शंकर से - भजन

पार्वती बोली शंकर से, सुनिये भोलेनाथ जी, रहना है हर इक जन्म में, मुझे तुम्हारे साथ जी

Navratri Specials 2026 - Navratri Specials 2026
Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Bhakti Bharat APP