Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

तनखैया (Tankhaiya)

तनखैया जिसका अर्थ है “सिख पंथ में, धर्म-विरोधी कार्य करनेवाला घोषित अपराधी। कोई भी सिख अगर धार्मिक तौर पर कुछ गलत करता है तो उसके लिए व्यवस्था है कि वह नजदीकी सिख संगत के सामने उपस्थित होकर अपनी गलती के लिए माफी मांग ले।
तनखैया: सिख धर्म में धार्मिक बहिष्कार किया जाता है
सिख धर्म के अनुसार तनखैया का मतलब है, जिसको धर्म से निष्कासित कर दिया जाता है। आरोपी अगर सजा का पालन नहीं करता, तो उसका धर्म से बहिष्कार कर दिया जाता है। ऐसे में उसे किसी भी गुरुद्वारे में आने की इजाजत नहीं होती। साथ ही किसी भी पाठ-पूजा में हिस्सा भी नहीं लेने दिया जाता है। इसका मतलब है कि कोई सिख ना तो इससे संपर्क रखे, ना संबंध रखे। न ही इसके यहां शादी जैसे कार्यक्रमों में जाएं और ना ही उसे बुलाएं। यानी पूरी तरह से सामाजिक बहिष्कार। आम भाषा में कहें तो उसका हुक्का-पानी बंद कर दिया जाता है।

तनखैया में क्या है माफी का प्रावधान
धर्म-विरोधी कार्य करनेवाला घोषित अपराधी तब संगत की ओर से पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब की उपस्थिति में उसके कसूर की समीक्षा की जाएगी और फिर उसी के हिसाब से उसके लिए सजा तय की जाएगी। इसके तहत आरोपी को गुरुद्वारों में बर्तन, जूते और फर्श साफ करने जैसी सजाएं सुनाई जाती हैं। साथ ही हर्जाना भी तय किया जाता है। इसके तहत जो सजा दी जाती है, वह मूलरूप से सेवा भाव वाली होती है।

सिख धर्म की मान्यता के तहत सिख संगत का माफी देने को लेकर रुख बहुत कठोर नहीं होता है। ये भी जरूरी है कि आरोपी सजा को लेकर किसी तरह की बहसबाजी न करे। सजा पूरी होने पर वो व्यक्ति तनखैया नहीं रहता है। यानी उसकी धार्मिक और सामाजिक जीवन में वापसी हो जाती है। जब सजा समाप्त होती है तो अरदास के साथ यह प्रक्रिया पूरी की जाती है।

Tankhaiya in English

Tankhaiya which means in the Sikh sect, a declared criminal who commits anti-religious activities.
यह भी जानें

Blogs Sikh BlogsSikh Sangat BlogsTankhaiya BlogsSikh Sect BlogsGurudwara BlogsArdaas BlogsGuru Nanak BlogsSikhism Blogs

अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस ब्लॉग को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

ब्लॉग ›

बिश्नोई पन्थ के उनतीस नियम!

बिश्नोई पन्थ के उनतीस नियम निम्नलिखित हैं: तीस दिन सूतक, पांच ऋतुवन्ती न्यारो। सेरो करो स्नान, शील सन्तोष शुचि प्यारो॥...

ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

यह एकादशी तिथियाँ केवल वैष्णव सम्प्रदाय इस्कॉन के अनुयायियों के लिए मान्य है | ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

12 ज्योतिर्लिंग: भक्त कहाँ पवित्र शिवलिंग को छू सकते हैं?

12 ज्योतिर्लिंगों में दर्शन और स्पर्श के नियम हर मंदिर में एक जैसे नहीं हैं। कुछ मंदिरों में श्रद्धालुओं को सीधे पवित्र शिवलिंग का स्पर्श करने या पूजा करने की अनुमति होती है, जबकि अन्य मंदिरों में शिवलिंग को छूने पर प्रतिबंध होता है और दर्शन निर्धारित दूरी से करने होते हैं।

भद्रा विचार क्या है

जब भी किसी शुभ और शुभ कार्य का शुभ मुहूर्त देखा जाता है तो उसमें भद्रा का विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है और कोई भी शुभ कार्य भद्रा के समय को छोड़कर दूसरे मुहूर्त में किया जाता है।

ऑस्ट्रेलिया में कैसे मनाई जाती है जन्माष्टमी?

ऑस्ट्रेलिया में, श्री कृष्ण जन्माष्टमी, कृष्ण भक्तो के लिए वर्ष के सबसे शुभ और उत्सव मुखर दिन है।

विविध: आर्य समाज के नियम

ईश्वर सच्चिदानंदस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, दयालु, अजन्मा, अनंत, निर्विकार, अनादि, अनुपम, सर्वाधार, सर्वेश्वर, सर्वव्यापक, सर्वांतर्यामी, अजर, अमर, अभय, नित्य, पवित्र और सृष्टिकर्ता है, उसी की उपासना करने योग्य है।

हनुमान चालीसा, लाभ, पढ़ने का सही समय, क्यों पढ़ें?

क्या आप प्रभु हनुमान की शक्ति में विश्वास करते हैं? Bhaktibharat के साथ अपने विचार साझा करें।...

Sawan 2026 - Sawan 2026
Sawan 2026 - Sawan 2026
Bhakti Bharat APP