Haanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

भंडारे में क्यों नहीं खाना चाहिए खाना, जानिए वजह (Why food should not be eaten in Bhandara, know the reason)

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य या पूजा के बाद भंडारे का आयोजन किया जाता है। हिंदू धर्म में ही नहीं बल्कि सिख धर्म में भी भंडारे को लंगर के रूप में रखा जाता है, लेकिन माना जाता है कि भंडारे या लंगर में खाना नहीं खाना चाहिए।
आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह।
❀ धर्म शास्त्रों में भंडारे को इसलिए आवश्यक माना गया है क्योंकि यह उन लोगों को भोजन उपलब्ध कराता है जो प्रतिदिन भोजन की व्यवस्था करने में असमर्थ हैं या जिनके पास भोजन नहीं है।
❀ ऐसे लोगों को भंडारे से भोजन कराने से पुण्य की प्राप्ति होती है और घर में सकारात्मकता स्थापित होती है। घर में सुख-समृद्धि आती है और समृद्धि हमेशा बनी रहती है।
❀ वहीं यदि कोई समर्थ व्यक्ति भंडारे में भोजन करता है तो उसे अनुचित कहा जाता है क्योंकि भंडारे का उद्देश्य उन लोगों का पेट भरना होता है जो गरीब हैं और जिन्हें भोजन नहीं मिल पाता है।
❀ ऐसे में भंडारे में किसी काबिल व्यक्ति के यहां खाना खाना किसी गरीब या जरूरतमंद का हिस्सा हड़पना समझा जाता है। शास्त्रों के अनुसार ऐसा करना उस व्यक्ति के लिए अशुभ साबित हो सकता है।
❀ यदि कोई समर्थ व्यक्ति भंडारे में जाकर भोजन करता है तो वह पाप का भागी बनता है। उसके जीवन में असफलता का समय शुरू हो जाता है। उस व्यक्ति के घर में अन्न और धन का अभाव रहता है।
❀ ऐसी भी मान्यता है कि किसी काबिल व्यक्ति के भंडारे में रखा अन्न खाने से देवी लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं। नौकरी हो या व्यापार व्यक्ति को अपने कार्यस्थल पर कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
❀ शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि भंडारे में भोजन करने वाले समर्थ व्यक्ति पर भगवान विष्णु की कृपा नहीं बरसती और ऐसे व्यक्ति को भगवान विष्णु का सानिध्य नहीं मिलता।

इसलिए आपको भंडारे का खाना नहीं खाना चाहिए।

Why food should not be eaten in Bhandara, know the reason in English

Bhandara is organized after any auspicious work or worship in Hindu religion. Not only in Hinduism but in Sikhism, Bhandara is kept in the form of langar, but it is believed that food should not be eaten in Bhandara or langar. Let us know the reason behind this.
यह भी जानें

Blogs Bhandara BlogsLangar BlogsVaralakshmi Pooja BlogsVaralakshmi BlogsPooja BlogsVrat BlogsBeliefs BlogsPooja Method BlogsBhagwan Vishnu Blogs

अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस ब्लॉग को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

ब्लॉग ›

अभिजीत मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त दोपहर के समय का शुभ मुहूर्त है जो लगभग 48 मिनट तक रहता है। अभिजीत मुहूर्त असंख्य दोषों को नष्ट करने में सक्षम है और सभी प्रकार के शुभ कार्यों को शुरू करने के लिए इसे सर्वश्रेष्ठ मुहूर्तों में से एक माना जाता है।

ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

यह एकादशी तिथियाँ केवल वैष्णव सम्प्रदाय इस्कॉन के अनुयायियों के लिए मान्य है | ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

पुरुषोत्तम मास या अधिक मास या मलमास!

धर्म ग्रंथों के अनुसार तीन वर्ष में एक बार पुरुषोत्तम मास आता है। इसे अधिक मास भी कहते है।

चुनाव में मंदिर, मठ एवं आश्रमों का महत्व

माना जाता है कि सनातन प्रेमी हर चुनाव में जीत का एक निर्णायक पहलू होते हैं। और इन सनातन प्रेमियों(सनातन प्रेमी वोटर) का केंद्र होते हैं ये मंदिर, मठ एवं आश्रम। राजनीतिक उम्मीदवारों की जीत संख्याबल पर निर्धारित होती है। अतः चुनाव आते ही राजनैतिक उम्मीदवार हिंदू मंदिरों, मठों एवं आश्रमों की तरफ स्वतः ही खिचे चले आते हैं।

नर नारायण देव गादी क्या है?

नरनारायण देव गादी, जिसका नाम नरनारायण देव के नाम पर रखा गया है।

ब्रम्हा मुहूर्त क्या होता है?

वेदों में ब्रह्म मुहूर्त को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। शास्त्रों में बताया गया है कि ब्रह्म मुहूर्त में निद्रा त्यागने से विद्या, बुद्दि, स्वास्थ्य और बल प्राप्त होते हैं। किसी भी काम ब्रह्म मुहूर्त में शुरू करना बहुत उत्तम माना गया है।

स्नान यात्रा

स्नान यात्रा जो कि देवस्नान पूर्णिमा या स्नान पूर्णिमा नाम से भी जाना जाता है।

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP