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✨Ganesha Chaturthi - Ganeshotsav

Ganeshotsav Date: Saturday, 4 September 2027
Ganesha Chaturthi

गणेशोत्सव, गणेश चतुर्थी से शुरू होते हुए, 10 दिनों के बाद अनंत चतुर्दशी को समाप्त होता है। अनंत चतुर्दशी के ही दिन श्री गणेश विसर्जन भी होता है। भगवान गणेश को ज्ञान, समृद्धि और सौभाग्य के देवता के रूप में पूजा जाता है, मोदक श्री गणेश का सबसे प्रिय पकवान है।

यह अनुमान है कि, 1630-1680 के दौरान गणेश चतुर्थी उत्सव छत्रपति शिवाजी महाराज के समय में एक सार्वजनिक समारोह के रूप में मनाया जाता था। शिवाजी के समय, यह गणेशोत्सव उनके साम्राज्य के कुलदेवता के रूप में नियमित रूप से मनाना शुरू किया गया था। सन् 1893 में लोकमान्य तिलक द्वारा इसे पुनर्जीवित किया गया।

संबंधित अन्य नामगणेश चतुर्थी, गणपति पूजा, विनायका चतुर्थी, गणेश विसर्जन, गणपति विसर्जन, अनंत चतुर्दशी
शुरुआत तिथिभाद्रपद शुक्ला चतुर्थी
उत्सव विधिपंडाल, व्रत, मंत्र जाप

Ganeshotsav in English

Ganeshotsav start with Ganesh Chaturthi, ends after 10 days on Anant Chaturdashi which is also known as Ganesh Visarjan day. Lord Ganesh is worshipped as the God of wisdom, prosperity and good fortune and offer Him sweet dish like modak.

गणेश विसर्जन मुहूर्त

अनन्त चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन शुक्रवार, 25 सितम्बर 2026 के लिए शुभ मुहूर्त

प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) - 6:11 AM से 10:42 AM
अपराह्न मुहूर्त (चर) - 04:44 PM से 06:14 PM
अपराह्न मुहूर्त (शुभ) - 12:13 PM से 01:43 PM
रात्रि मुहूर्त (लाभ) - 09:14 PM से 10:43 PM
रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) - 12:13 AM से 04:42 AM, 26 सितम्बर

चतुर्दशी तिथि - 25 सितम्बर 2026 को 11:18 PM - 26 सितम्बर 2026 को 11:06 PM

गणेश विसर्जन

इस साल गणेश उत्सव भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को शुरू हो गया है। गणपति उत्सव के दिन घर-घर मैं बप्पा की मूर्ति की स्थापना की जाती है। गणपति उत्सव 10 दिनों तक चलने के बाद, भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी को बप्पा का विसर्जन किया जाता है, जिसे अनंत चतुर्दशी भी कहा जाता है। विसर्जन में भक्त गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के नारे लगाते हैं।

गणपति विसर्जन कब और कैसे करें
अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा का विसर्जन होता है। विसर्जन के दौरान, भक्त नृत्य करते हैं, गाते हैं, रंग उड़ाते हैं और बप्पा को धूमधाम से विदाई देते हैं।

❀ गणपति विसर्जन हमेशा पानी में ही करना चाहिए। सबसे पहले किसी लकड़ी की थाली में पीला या लाल कपड़ा बिछाकर उस पर स्वास्तिक बना लें। गमले में अक्षत फूल रखकर गणपति की मूर्ति को रखें।
❀ बप्पा की मूर्ति की विधिवत पूजा करें, फल और फूल चढ़ाएं और मोदक का भोग लगाएं।
❀ गणपति जी के साथ साथ मूर्ति के पूजा से जुड़ी चीजों को विसर्जित करें।
❀ इसके बाद क्षमा प्रार्थना करते हुए बप्पा के अगले वर्ष आने की कामना करें।
❀ पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त और बिधि पूर्वक विसर्जन से ही बप्पा की कृपा प्राप्त होती है।
❀ राहुकाल में गणपति का विसर्जन न करें।

गणेश विसर्जन कैसे करें विस्तार से पढ़ें।

विसर्जन करते समय दिन के शुभ मुहूर्त, चौघड़िया (अमृत, शुभ, लाभ) और राहुकाल का ध्यान रखें। राहुकाल के समय विसर्जन करने से बचें।

प्रश्न: पंचक योग मे क्या गणेश विसर्जन किया जासकता है?
उत्तर: हाँ, पंचक में गणेश विसर्जन किया जा सकता है। इसमें किसी भी प्रकार का दोष या मनाही नहीं होती।

लालबाग के राजा का इतिहास

लालबाग के राजा दक्षिण मुंबई में स्थित दुनियाँ के सबसे लोकप्रिय सार्वजनिक गणेश मंडलों मे से एक है, जिसे मराठी में लालबागचा राजा कहा जाता है। लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की स्थापना वर्ष 1934 में हुई थी। यह मुंबई के लालबाग, परेल इलाके में स्थित हैं। http://www.lalbaugcharaja.com

वर्जित चन्द्रदर्शन

कहा जाता है कि इस दिन यानी गणेश चतुर्थी को चंद्रमा का दर्शन नहीं किया जाता है क्योंकि मान्यताओं के अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन करने से झूठा कलंक लगता है। यदि किसी ने भूलवश गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन कर लिया है तो उसे इस दोष से मुक्ति के लिए यह उपाय करने चाहिए। चतुर्थी तिथि को चंद्रमा के दर्शन से बचना चाहिए। अगर चंद्रमा को देख लिया तो झूठा कलंक लग जाता है। उसी तरह जिस तरह से श्री कृष्ण को स्यमंतक मणि चुराने का लगा था। लेकिन अगर चंद्र को देख ही लिया तो कृष्ण-स्यमंतक कथा को पढ़ने या विद्वानजनों से सुनने पर गणेश जी क्षमा कर देते हैं।

गणेश चतुर्थी

गणेशोत्सव का पहिला दिन भगवान गणेश के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। जिसे गणेश चतुर्थी या गणेश चौथ के नाम से भी जाना जाता है। विनायक श्री गणेश का ही दूसरा नाम है, अतः इस त्यौहार को विनायक चतुर्थी भी बोला जाता है।

महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल , गोवा, उड़ीसा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में इस त्यौहार को घर मे और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की कच्ची मिट्टी की मूर्तियाँ स्थापित करके परिवारों और समूहों द्वारा पूजा की जाती है। लेकिन उत्तर भारत के कुछ राज्यों में इस त्यौहार को मंदिरों में भगवान गणेश की अस्थायी प्रतिमा स्थापित करके मनाते हैं।

गणेश चतुर्थी पूजा मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, सोमवार, 14 सितम्बर 2026 के दिन सुबह 11 बजकर 2 मिनट से दोपहर 1 बजकर 31 मिनट तक गणेश जी की मूर्ति स्थापित करने का शुभ मुहूर्त रहेगा। वहीं, ठीक 10 दिनों के बाद यानि शनिवार, 25 सितम्बर 2026 को विसर्जन किया जाएगा। पूरे धूम-धाम से भगवान श्री गणेश को अपने घर लाएं।

❀ मध्याह्न गणेश पूजा मुहूर्त - 11:02 AM से 1:31 PM

❀ वर्जित चन्द्रदर्शन का समय - 9:06 AM से 8:04 PM
❀ चतुर्थी तिथि - 14 सितम्बर 2026 7:06 AM - 15 सितम्बर 2026 7:44 AM

❀ अन्य शहरों में गणेश चतुर्थी मुहूर्त
11:16 AM से 01:44 PM - पुणे
11:02 AM से 01:31 PM - नई दिल्ली
10:51 AM से 01:18 PM - चेन्नई
11:08 AM से 01:36 PM - जयपुर
10:58 AM से 01:25 PM - हैदराबाद
11:03 AM से 01:31 PM - गुरुग्राम
11:04 AM से 01:33 PM - चण्डीगढ़
10:18 AM से 12:46 PM - कोलकाता
11:20 AM से 01:48 PM - मुम्बई
11:02 AM से 01:28 PM - बेंगलूरु
11:21 AM से 01:49 PM - अहमदाबाद
11:02 AM से 01:30 PM - नोएडा

* यह जानकारी भारत की राजधानी दिल्ली (New Delhi) के समय के अनुसार है। दिन के विभिन्न समयों और अन्य जगहों पर यह तिथि अलग-अलग भी हो सकती है।

संबंधित जानकारियाँ

आगे के त्यौहार(2027)
4 September 202714 September 2027
आवृत्ति
वार्षिक
समय
10 दिन
शुरुआत तिथि
भाद्रपद शुक्ला चतुर्थी
समाप्ति तिथि
भाद्रपद शुक्ला चतुर्दशी
महीना
अगस्त / सितंबर
मंत्र
गणपति बप्पा मोरया, गणेश महाराज की जय
प्रकार
महाराष्ट्र सार्वजनिक अवकाश
उत्सव विधि
पंडाल, व्रत, मंत्र जाप
महत्वपूर्ण जगह
श्री विनायक मंदिर, गणपति पंडाल, महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, मध्य प्रदेश।
पिछले त्यौहार
गणेशोत्सव: गणेश विसर्जन : 25 September 2026, गणेशोत्सव: गणेश चतुर्थी : 14 September 2026, गणेश विसर्जन : 6 September 2025, गणेश चतुर्थी : 27 August 2025, Ganesh Visarjan : 17 September 2024, Ganesha Chaturthi : 7 September 2024, Ganesh Visarjan : 28 September 2023, Ganesha Chaturthi : 19 September 2023, Ganesh Visarjan : 9 September 2022, Ganesha Chaturthi : 31 August 2022
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Ganesha Chaturthi 2027 तिथियाँ

FestivalDate
Ganesha Chaturthiशनिवार, 4 सितंबर 2027
Ganesh Visarjanमंगलवार, 14 सितंबर 2027
Navratri Specials 2026 - Navratri Specials 2026
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