Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

अग्नि देव गायत्री मन्त्र (Agnidev Gayatri Mantra)


अग्नि देव गायत्री मन्त्र
॥ अग्नि देव गायत्री मन्त्र ॥
ॐ महाज्वालाय विद्महे अग्नि मध्याय धीमहि।
तन्नो अग्निः प्रचोदयात्॥
मन्त्र अर्थ
ॐ, मैं उन महान ज्योति का ध्यान कर रहा हूँ, जो अग्नि के मध्य में निवास करते हैं। हे अग्नि देव! अपने अग्नि रूपी तेज से मेरी बुद्धि एवं मन को प्रकाशित करें तथा हमें सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें।

Agnidev Gayatri Mantra in English

Om Mahajwalay Vidmahe Agni Madhyaay Dheemahi।
यह भी जानें

Mantra Agnidev Gayatri Mantra MantraGayatri MantraMaa Gayatri MantraVadic MantraVed MantraArya Samaj MantraFamous MantraMost Popular MantraGayatri Pariwar MantraYagya MantraHawan MantraDaily Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

बुद्धं शरणं गच्छामि

बुद्धं शरणं गच्छामि। धर्मं शरणं गच्छामि। संघं शरणं गच्छामि।

तयाता ओम बुद्ध मंत्र

तयाता ओम, बेकंद्ज़े बेकंद्ज़े, महा बेकंद्ज़े, रद्ज़ा समुद्गते सोहा

श्री महालक्ष्मी अष्टक

नमस्तेस्तू महामाये श्रीपिठे सूरपुजिते । शंख चक्र गदा हस्ते महालक्ष्मी नमोस्तूते ॥

श्री लक्ष्मी सुक्तम् - ॐ हिरण्यवर्णां हरिणींसुवर्णरजतस्रजाम्

हरिः ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम् । चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥..

श्री नृसिंह मंत्र

उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम् । नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम् ॥

श्री नृसिंह कवच: मंत्र

श्री नरसिंह कवचम

ऋण विमोचन नृसिंह स्तोत्रम्

श्री लक्ष्मी नृसिंह सर्वसिद्धिकर ऋणमोचन स्तोत्र । देवकार्य सिध्यर्थं सभस्तंभं समुद् भवम । श्री नृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये..

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP