Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

भगवान मुरुगन के अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्रम् (Ashtottarshatanam Stotram of Bhagwan Murugan)


स्कंदोगुह षण्मुखश्च भालनेत्रसुतः प्रभुः।
पिंगलः कृत्तिकासूनुः शिखिवाहो द्विषड्भुजः॥1॥
द्विषण्णेत्रश्शक्तिधरः पिशिताशा प्रभंजनः।
तारकासुरसंहारि रक्षोबलविमर्दनः॥2॥

मत्तः प्रमत्तोन्मत्तश्च सुरसैन्य सुरक्षकः।
देवसेनापतिः प्राज्ञः कृपालो भक्तवत्सलः॥3॥

उमासुतश्शक्तिधरः कुमारः क्रौंचधारिणः।
सेनानीरग्निजन्मा च विशाखश्शंकरात्मजः॥4॥

शिवस्वामि गणस्वामि सर्वस्वामि सनातनः।
अनंतमूर्तिरक्षोभ्यः पार्वती प्रियनंदनः॥5॥

गंगासुतश्शरोद्भूत आहूतः पावकात्मजः।
जॄंभः प्रजॄंभः उज्जॄंभः कमलासन संस्तुतः॥6॥

एकवर्णो द्विवर्णश्च त्रिवर्णस्सुमनोहरः।
चतुर्वर्णः पंचवर्णः प्रजापतिरहह्पतिः॥7॥

अग्निगर्भश्शमीगर्भो विश्वरेतास्सुरारिहा।
हरिद्वर्णश्शुभकरो वटुश्च पटुवेषभृत्॥8॥

पूषागभस्तिर्गहनो चंद्रवर्ण कलाधरः।
मायाधरो महामायी कैवल्य श्शंकरात्मजः॥9॥

विश्वयोनिरमेयात्मा तेजोयोनिरनामयः।
परमेष्ठी परब्रह्म वेदगर्भो विराट्सुतः॥10॥

पुलिंद कन्याभर्ताच महासारस्वतवृतः।
अश्रिताखिलदाताच चोरघ्नो रोगनाशनः॥11॥

अनंतमूर्तिरानंदश्शिखंडीकृतकेतनः।
डंभः परमडंभश्च महाडंभोवृषाकपिः॥12॥

कारणोत्पत्तिदेहश्च कारणातीत विग्रहः।
अनीश्वरोऽमृतःप्राणः प्राणायाम परायणः॥13॥

विरुद्धहंत वीरघ्नो रक्तश्यामगलोऽपिच।
सुब्रह्मण्यो गुहप्रीतः ब्रह्मण्यो ब्राह्मणप्रिय॥14॥

॥ इति श्री सुब्रह्मण्याष्टोत्तरशतनामस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥

Ashtottarshatanam Stotram of Bhagwan Murugan in English

Skandoguha Shanmukhashcha Bhalanetrasutah Prabhuh। Pingalah Krittikasunuh Shikhivaho Dvishadbhujah
यह भी जानें

Mantra Skandoguha MantraBhagwan Karthikeya MantraLord Murugan MantraLord Subramaniam MantraMuruga MantraAshtottarshatanam Stotram Of Murugan MantraAshtottara Shatnamavali Of Subramaniam Swamy Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

राधा रानी के 28 नामों का जाप

राधा रानी के 28 पवित्र नामों का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि इन दिव्य नामों का स्मरण करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और राधा-कृष्ण का शाश्वत आशीर्वाद प्राप्त होता है।

श्री हनुमान स्तवन - श्रीहनुमन्नमस्कारः

प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ज्ञानघन ।.. गोष्पदी कृत वारीशं मशकी कृत राक्षसम् ।..

श्री मंगल देव जी के मंत्र

ऊँ अं अंगारकाय नम: ऊँ भौं भौमाय नम:

संकट मोचन हनुमानाष्टक

बाल समय रवि भक्षी लियो तब।.. लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर।...

रंगनाथ अष्टकम

आनन्दरूपे निजबोधरूपे ब्रह्मस्वरूपे श्रुतिमूर्तिरूपे । शशाङ्करूपे रमणीयरूपे श्रीरङ्गरूपे रमतां मनो मे ॥ १॥

श्री रुद्राष्टकम्

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं...

शिव पंचाक्षर स्तोत्र मंत्र

॥ श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP