Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

श्री बाल गोपाल अष्टकम् (Sri Balagopal Ashtakam)


श्री बाल गोपाल अष्टकम्
तीर पयोनिधि वृक्ष निवासं
हास्य कटाक्षज वंशीनिनादं
श्यामल सुन्दर नित्य विलासं
तं प्रणमामि च वालगोपालं ॥१॥
गोधन पालक गोपकुमारं
चन्दन चर्चित कुंकुमहारं
नीलकलेवर शोभितहारं
तं प्रणमामि च वालगोपालं ॥२॥

गोगिरिधारण मेदिनीत्राणं
काम्य मनोरथ सिद्धि प्रदानं
श्री यदुनन्दन हरमे पापं
तं प्रणमामि च वालगोपालं ॥३॥

श्री मधुसूदन वाल्य चरित्रं
काम्य मनोहर वेणुविचित्रं
यशोदानन्दन सुन्दर कृष्णं
तं प्रणमामि च वालगोपालं ॥४॥
भक्तिभारत अष्टकम

केलि कुतुहलि छन्न विवादं
केशव यामिनि पतित निनादं
मल्लनिपातित मुष्टिकघातं
तं प्रणमामि च वालगोपालं ॥५॥

कंस निषूदन केसिवनाशं
ताल फलेषु च धेनुकानाशं
देवकीनन्दन सुन्दरकृष्णं
तं प्रणमामि च वालगोपालं ॥६॥

उज्ज्वल पङ्कज वाहुमृणालं
लक्ष्मी सरस्वती सेवित पादं
श्री यदुनन्दन हरमे पापं
तं प्रणमामि च वालगोपालं ॥७॥

यादव माधव केशव सौरे
श्रीधर सुन्दर कृष्ण मुरारे
तारय तारय हरमे पापं
तं प्रणमामि च वालगोपालं ॥८॥

॥ इति श्री बालगोपालाष्टकम् सम्पूर्णम् ॥

Sri Balagopal Ashtakam in English

Teer Payonidhi Vrkshan Nivasam, Hasy Katakshaj Vanshininadan, Shyamal Sundar Nity Vilasan, Twam Pranamami Ch Valgopalam ॥1॥
यह भी जानें

Mantra Balagopal MantraShri Krishna MantraBrij MantraBaal Krishna MantraJanmashtami MantraKrishna Damodar MantraSri Balagopal Ashtakam Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

मंत्र ›

श्री कुबेर 108 नाम

ॐ कुबेराय नमः ॥ ॐ धनदाय नमः ॥ ॐ श्रीमाते नमः ॥ ॐ यक्षेशाय नमः ॥ ॐ गुह्य​केश्वराय नमः ॥ ॐ निधीशाय नमः...

श्री महालक्ष्मी अष्टक

नमस्तेस्तू महामाये श्रीपिठे सूरपुजिते । शंख चक्र गदा हस्ते महालक्ष्मी नमोस्तूते ॥

श्री लक्ष्मी सुक्तम् - ॐ हिरण्यवर्णां हरिणींसुवर्णरजतस्रजाम्

हरिः ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम् । चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥..

महामृत्युंजय मंत्र

मंत्र के 33 अक्षर हैं जो महर्षि वशिष्ठ के अनुसार 33 कोटि(प्रकार)देवताओं के द्योतक हैं।

शिव पंचाक्षर स्तोत्र मंत्र

॥ श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।

श्री रुद्राष्टकम्

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं...

दामोदर अष्टकम

नमामीश्वरं सच्-चिद्-आनन्द-रूपं, लसत्-कुण्डलं गोकुले भ्राजमनम्य, शोदा-भियोलूखलाद् धावमानं

Durga Chalisa - Durga Chalisa
Shri Krishna Bhajan - Shri Krishna Bhajan
Bhakti Bharat APP