Haanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

गौरा फिरदी है माला तेरे नाम दी (Gaura Ferdi Hai Mala Tere Naam Di)


गौरा फिरदी है माला तेरे नाम दी
Add To Favorites Change Font Size
गौरां फेरदी है माला तेरे नाम दी
तेरे नाम दी ओ भोले तेरे नाम दी
गौरां फेरदी है माला ।
सीस भोले दे गंगा विराजे
गंगा विराजे भोले गंगा विराजे
ओ ओथे लगदी ए डुबकी तेरे नाम दी
गौरां फेरदी है माला ।

माथे भोले दे चंदा है साजे
चंदा है साजे भोले चंदा है साजे
ओ चंदा मारे लिशकारे तेरे नाम दे
गौरां फेरदी है माला ।

हाथ भोल्हे दे डमरू वजदा
डमरू वजदा भोले डमरू वजदा
ओ संगतां पाउंदियां भंगड़ा तेरे नाम दे
गौरां फेरदी है माला ।

संग में भोले दे गौरां सजदी
गौरां सजदी भोले गौरां सजदी
ओ गोदी गणपत लाला तेरे नाम दा
गौरां फेरदी है माला ।

मंदिरां च भोले सत्संग हुंदा
सत्संग हुंदा भोले सत्संग हुंदा
ओ संगतां लाउण जैकारे तेरे नाम दे
गौरां फेरदी है माला ।

गल विच भोले दे नागां दी माला
नागां दी माला भोले नागां दी माला
ओ नाग मारन फुंकारे तेरे नाम दे
गौरां फेरदी है माला ।
यह भी जानें

Mantra Guara MantraShiv MantraBholenath MantraMahadev MantraSomwar MantraShivling MantraJyotirling MantraShivaratri MantraSavan Ke Somvar MantraShivteras MantraPradosh MantraMonday Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

श्री जगन्नाथ अष्टकम

कदाचित् कालिन्दी तट विपिन सङ्गीत तरलो, मुदाभीरी नारी वदन कमला स्वाद मधुपः, रमा शम्भु ब्रह्मामरपति गणेशार्चित पदो..

श्री जगन्नाथ यात्रा के राशि मंत्र

श्री जगन्नाथ यात्रा के सामने बोलें अपना राशि मंत्र।

श्रीजगन्नाथ सहस्रनाम स्तोत्रम

देवदानवगन्धर्वयक्षविद्याधारोर्गैः। सेव्यमानं सदा चारुकोटिसूर्यसमाप्रभम् ॥ 1॥

प्रज्ञानं ब्रह्म महावाक्य

प्रज्ञानं ब्रह्म जिसका शाब्दिक अर्थ है ज्ञान ही ब्रह्म है। यह भारत के पुरातन हिंदू शास्त्र 'ऋग्वेद' का 'महावाक्य' है...

श्री जगन्नाथ प्रातः स्मरण स्तोत्रम्

नीलाम्बुद-श्यामल-कान्ति-कान्तं, नीलाम्बुधेर्नीलगिरौ बसन्तम् । लीलामयं नील-सरोज नेत्रं, देवं जगन्नाथमहं स्मरामि ॥ संसार-धातारमनन्त-रूपं, वेदान्त-वेद्यं हृत-पाप-तापम् ।

पूर्णब्रह्म स्तोत्रम्

पूर्णचन्द्रमुखं निलेन्दु रूपम् , उद्भाषितं देवं दिव्यं स्वरूपम्, पूर्णं त्वं स्वर्णं त्वं वर्णं त्वं देवम् , पिता माता बंधु त्वमेव सर्वम्, जगन्नाथ स्वामी भक्तभावप्रेमी नमाम्यहम्, जगन्नाथ स्वामी भक्तभावप्रेमी नमाम्यहम् ॥ १ ॥

माँ दुर्गा देव्यापराध क्षमा प्रार्थना स्तोत्रं

माँ दुर्गा की पूजा समाप्ति पर करें ये स्तुति, तथा पूजा में हुई त्रुटि के अपराध से मुक्ति पाएँ। आपत्सु मग्न: स्मरणं त्वदीयं..

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP