Shri Hanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

कार्तिकेय गायत्री मंत्र: मंत्र (Kartikeya Gayatri Mantra)


कार्तिकेय गायत्री मंत्र: मंत्र
कार्तिकेय गायत्री मंत्र का नियमित जाप करने से एक योद्धा जैसी मानसिकता विकसित होती है, जिसमें आक्रामकता के बजाय ज्ञान होता है—बुद्धि द्वारा निर्देशित शक्ति।
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे
महा सेनाय धीमहि
तन्नो स्कन्दः प्रचोदयात् ॥
Bhakti Bharat Lyrics
ॐ श्री कार्तिकेय नमः


कार्तिकेय गायत्री मंत्र का जाप कैसे करें:
समय: सुबह (ब्रह्म मुहूर्त) या मंगलवार/शुक्रवार
गिनती: रुद्राक्ष या चंदन की माला से 108 बार जाप करें
दिशा: पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके जाप करें
आस्था: शांत मन और श्रद्धा से जाप करें

Kartikeya Gayatri Mantra in English

Om Tatpurushaya Vidmahe, Mahasenaya Dhimahi..
यह भी जानें

Mantra Kartikeya Gayatri Mantra MantraSkandoguha MantraBhagwan Karthikeya MantraLord Murugan MantraLord Subramaniam MantraMuruga MantraAshtottarshatanam Stotram Of Murugan MantraAshtottara Shatnamavali Of Subramaniam Swamy Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

विष्णु सहस्रनाम: M.S.Subbulakshmi

भगवान श्री विष्णु के 1000 नाम! विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता...

आदित्य-हृदय स्तोत्र

ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम् । रावणं चाग्रतो दृष्टवा युद्धाय समुपस्थितम् ॥ दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम् ।

श्री हनुमान स्तवन - श्रीहनुमन्नमस्कारः

प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ज्ञानघन ।.. गोष्पदी कृत वारीशं मशकी कृत राक्षसम् ।..

दशरथकृत शनि स्तोत्र

नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठ निभाय च। नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम:॥

संकट मोचन हनुमानाष्टक

बाल समय रवि भक्षी लियो तब।.. लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर।...

माँ दुर्गा देव्यापराध क्षमा प्रार्थना स्तोत्रं

माँ दुर्गा की पूजा समाप्ति पर करें ये स्तुति, तथा पूजा में हुई त्रुटि के अपराध से मुक्ति पाएँ। आपत्सु मग्न: स्मरणं त्वदीयं..

श्री महालक्ष्मी अष्टक

नमस्तेस्तू महामाये श्रीपिठे सूरपुजिते । शंख चक्र गदा हस्ते महालक्ष्मी नमोस्तूते ॥

Shri Krishna Bhajan - Shri Krishna Bhajan

मंदिर

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP