Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

भैरवी वंदना (Bhairavi Vandana)


भैरवी वंदना
शिवा दुति स्वरूपेण हत दैत्य महाबले,
घोरा रुपे महा रावे भैरवी नमोस्तुते ।
लक्ष्मी लज्जे महा विद्ये श्रद्धे पुष्टि स्वधे ध्रुवे,
महा रात्रि महा विद्ये भैरवी नमोस्तुते ।

मेधे विद्या वरे भूति बभ्रवी महा काली,
नियति तवं प्रसि देशे भैरवी नमोस्तुते ।

सर्व स्वरूपे सर्व शक्ति समन्विते,
भये भ्या स्त्राही नो भैरवी नमोस्तुते ।
भक्तिभारत वंदना

एतते मुखम सौम्यं नयना त्रया भूषितं,
पातु नाह भीति भ्यः भैरवी नमोस्तुते ।

Bhairavi Vandana in English

Shiva Duti Svaroopen Hat Daity Mahaabale, Ghora Rupe Maha Rave Bhairavi Namostute। Lakshmi Lajje Maha Vidya Shraddhe Pushti Swadhe Dhruve,
यह भी जानें

Mantra Maa Durga MantraMata MantraNavratri MantraMaa Sherawali MantraDurga Puja MantraMaa Durga MantraJagran MantraMata Ki Chauki MantraShukravar MantraFriday MantraStotram MantraIsha Mantra

अन्य प्रसिद्ध भैरवी वंदना वीडियो

Reeshabh Purohit

Agam Aggarwal

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

रंगनाथ अष्टकम

आनन्दरूपे निजबोधरूपे ब्रह्मस्वरूपे श्रुतिमूर्तिरूपे । शशाङ्करूपे रमणीयरूपे श्रीरङ्गरूपे रमतां मनो मे ॥ १॥

रङ्गपुर विहार

पल्लवि: - रङ्गपुर विहार जय कोदण्ड रामावतार रघुवीर श्री | अनुपल्लवि: -अङ्गज जनक देव बृन्दावन सारङ्गेन्द्र वरद रमान्तरङ्ग

विष्णु सहस्रनाम: M.S.Subbulakshmi

भगवान श्री विष्णु के 1000 नाम! विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता...

पवमान मंत्र: ॐ असतो मा सद्गमय।

ॐ असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय...

भगवान सूर्य की अष्टोत्तर शतनामावली

1. अरुणा ॐ अरुणाय नमः। - ॐ अरुणाय नमः। 2. शरण्य ॐ शरण्यै नमः। - ॐ शरण्याय नमः।

आदित्य-हृदय स्तोत्र

ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम् । रावणं चाग्रतो दृष्टवा युद्धाय समुपस्थितम् ॥ दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम् ।

Shiv Bhajan - Shiv Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP