Haanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

भैरवी वंदना (Bhairavi Vandana)


भैरवी वंदना
शिवा दुति स्वरूपेण हत दैत्य महाबले,
घोरा रुपे महा रावे भैरवी नमोस्तुते ।
लक्ष्मी लज्जे महा विद्ये श्रद्धे पुष्टि स्वधे ध्रुवे,
महा रात्रि महा विद्ये भैरवी नमोस्तुते ।

मेधे विद्या वरे भूति बभ्रवी महा काली,
नियति तवं प्रसि देशे भैरवी नमोस्तुते ।

सर्व स्वरूपे सर्व शक्ति समन्विते,
भये भ्या स्त्राही नो भैरवी नमोस्तुते ।
भक्तिभारत वंदना

एतते मुखम सौम्यं नयना त्रया भूषितं,
पातु नाह भीति भ्यः भैरवी नमोस्तुते ।

Bhairavi Vandana in English

Shiva Duti Svaroopen Hat Daity Mahaabale, Ghora Rupe Maha Rave Bhairavi Namostute। Lakshmi Lajje Maha Vidya Shraddhe Pushti Swadhe Dhruve,
यह भी जानें

Mantra Maa Durga MantraMata MantraNavratri MantraMaa Sherawali MantraDurga Puja MantraMaa Durga MantraJagran MantraMata Ki Chauki MantraShukravar MantraFriday MantraStotram MantraIsha Mantra

अन्य प्रसिद्ध भैरवी वंदना वीडियो

Reeshabh Purohit

Agam Aggarwal

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

दशरथकृत शनि स्तोत्र

नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठ निभाय च। नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम:॥

संकट मोचन हनुमानाष्टक

बाल समय रवि भक्षी लियो तब।.. लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर।...

बावन श्लोकी श्री गुरुचरित्र

ॐ नमोजी विघ्नहरा । गजानना गिरिजाकुमरा । जयजयाजी लंबोदरा । शकदंता शूर्पकर्णा ॥..

कृष्णक्रिया षटकम्

बिनिद्र जिवोहं गहन त्रासम् , संसार अनले बिधुर बासम् , अनंतपुरष जगन्निवास , अत्रागच्छ स्वामी अत्रागच्छ ॥ १ ॥

जीव अष्टकम्

अहम् अचिन्त्यः अमरः नित्यरूपः, अहं सत्यः सत्यांशः सत्यस्वरूपः, अहम् अक्लेद्यश्च अदाह्यः अशोष्यः, अहं कृष्णदासः अहं कृष्णदासः ॥१॥

श्री हनुमान स्तवन - श्रीहनुमन्नमस्कारः

प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ज्ञानघन ।.. गोष्पदी कृत वारीशं मशकी कृत राक्षसम् ।..

श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम्

निशुम्भ शुम्भ गर्जनी, प्रचण्ड मुण्ड खण्डिनी । बनेरणे प्रकाशिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी ॥ त्रिशूल मुण्ड धारिणी..

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP