Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

तोटकाष्टकम (Totakaashtakam)


तोटकाष्टकम
Add To Favorites Change Font Size
॥ श्रीरुद्राष्टकम् ॥
यहाँ एक लेख है जिसमें आदि शंकराचार्य के सम्मान में रचित आठ श्लोक तोटकष्टकम शामिल हैं। इसमें अद्वैत परम्परा का संक्षिप्त विवरण और शंकर के शिष्य तोटक का संक्षिप्त विवरण शामिल है।
विदिताखिलशास्त्रसुधाजलधे
महितोपनिषत् कथितार्थनिधे ।
हृदये कलये विमलं चरणं
भव शङ्कर देशिक मे शरणम् ॥ १ ॥
करुणावरुणालय पालय मां
भवसागरदुःखविदूनहृदम् ।
रचयाखिलदर्शनतत्त्वविदं
भव शङ्कर देशिक मे शरणम् ॥ २ ॥

भवता जनता सुहिता भविता
निजबोधविचारण चारुमते ।
कलयेश्वरजीवविवेकविदं भव
शङ्कर देशिक मे शरणम् ॥ ३ ॥

भव एव भवानिति मे नितरां
समजायत चेतसि कौतुकिता ।
मम वारय मोहमहाजलधिं
भव शङ्कर देशिक मे शरणम् ॥ ४ ॥

सुकृतेऽधिकृते बहुधा भवतो
भविता समदर्शनलालसता ।
अतिदीनमिमं परिपालय मां
भव शङ्कर देशिक मे शरणम् ॥ ५ ॥

जगतीमवितुं कलिताकृतयो
विचरन्ति महामहसश्छलतः ।
अहिमांशुरिवात्र विभासि गुरो
भव शङ्कर देशिक मे शरणम् ॥ ६ ॥

गुरुपुङ्गव पुङ्गवकेतन ते
समतामयतां नहि कोऽपि सुधीः ।
शरणागतवत्सल तत्त्वनिधे
भव शङ्कर देशिक मे शरणम् ॥ ७ ॥

विदिता न मया विशदैककला
न च किञ्चन काञ्चनमस्ति गुरो ।
द्रुतमेव विधेहि कृपां सहजां
भव शङ्कर देशिक मे शरणम् ॥ ८ ॥
भव शङ्कर देशिक मे शरणम् ॥
भव शङ्कर देशिक मे शरणम् ॥
भव शङ्कर देशिक मे शरणम् ॥
भव शङ्कर देशिक मे शरणम् ॥
भव शङ्कर देशिक मे शरणम् ॥
यह भी जानें

Mantra Totak Ji MantraAdi Shankaracharya Mantra

अन्य प्रसिद्ध तोटकाष्टकम वीडियो

Kuldeep M Pai

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम्

निशुम्भ शुम्भ गर्जनी, प्रचण्ड मुण्ड खण्डिनी । बनेरणे प्रकाशिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी ॥ त्रिशूल मुण्ड धारिणी..

शिव पंचाक्षर स्तोत्र मंत्र

॥ श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।

श्री दुर्गा देवी स्तोत्रम्

श्री युधिष्ठिर विरचितं | श्रीगणेशाय नमः । श्री दुर्गायै नमः । नगरांत प्रवेशले पंडुनंदन । तो देखिले दुर्गास्थान । धर्मराज करी स्तवन । जगदंबेचे तेधवा ॥

महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् - अयि गिरिनन्दिनि

अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते, गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते । महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् नवरात्रि के दौरान माता रानी का सबसे ज्यादा सुना और पढ़ा जाने वाला संस्कृत श्लोक है

द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम्

सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम् । भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये ॥..

श्री दशावतार स्तोत्र: प्रलय पयोधि-जले

प्रलय पयोधि-जले धृतवान् असि वेदम्वि, हित वहित्र-चरित्रम् अखेदम्के, शव धृत-मीन-शरीर, जय जगदीश हरे

वक्रतुण्ड महाकाय - गणेश मंत्र

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

Durga Chalisa - Durga Chalisa
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP