Haanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

परोपकार करने से फर्क तो पड़ता है - प्रेरक कहानी (Charity Makes a Difference)


Add To Favorites Change Font Size
दौड़ते-भागते शर्मा जी जैसे ही ऑफिस पहुँचे डायरेक्टर के मुँह लगे चपरासी ने उन्हें बताया - सर ने आपको आते ही मिलने के लिए कहा है।
डरते-डरते जैसे ही वे कैबिन में घुसे, डायरेक्टर साहब एकदम से बरस पड़े - शर्मा जी, इससे पहले कि आप एक नई कहानी सुनाएँ, मैं अपको स्पष्ट कह देता हूँ कि आप आज आराम करिए। छुट्टी का एप्लीकेशन दीजिए और जितनी समाजसेवा करनी है, कीजिए। तंग आ चुका हूँ मैं आपकी परोपकार कथा सुन-सुनकर। क्या फर्क पड़ता है आपकी समाजसेवा से? यदि नौकरी करनी है तो ढंग से कीजिए।

शर्मा जी डायरेक्टर साहब के आदेशानुसार उस दिन की छुट्टी का एप्लीकेशन देकर ऑफिस से बाहर आकर सोचने लगे - अभी से घर जाकर क्या कर लूँगा। क्यों न हॉस्पीटल जाकर उस बच्चे की हाल-चाल पता कर लूँ, जिसे किसी दुर्घटना के कारण सड़क पर पड़े हालत में देखकर अस्पताल पहुँचाने के चक्कर में ऑफिस देर से पहुँचा और साहब की डाँट खाई। शायद अब तक उसे होश भी आ गया हो। अनायस ही उनके कदम अस्पताल की ओर चल पडे। जैसे ही वे अस्पताल पहुँचे, डॉक्टर ने उन्हें बताया कि बच्चे को होश आ गया है और उसके मम्मी-पापा भी आ चुके हैं।

आइए, आपको मिलवाता हूँ उनसे, इनसे मिलिए, शर्मा जी, जिन्होंने आज सुबह आपके बच्चे को यहाँ एडमिट कराया है। यदि समय पर ये बच्चे को यहाँ नहीं लाते और अपना ब्लड नहीं दिये होते, तो कुछ भी हो सकता था।

सर आप? ये आपका बेटा?

सामने डायरेक्टर साहब थे, हाथ जोड़कर खड़े। काटो तो खून नहीं।
बोले- शर्मा जी, हो सके तो मुझे माफ कर दीजिएगा। मैंने आपको बहुत गलत समझा पर अब मैं जान चुका हूँ कि फर्क तो बहुत पड़ता है आपकी समाजसेवा से। और कहने लगे..

परोपकार करने से फर्क तो पड़ता है - Charity Makes a Difference
परोपकार के लिए ही वृक्ष फल देते हैं, नदीयाँ परोपकार के लिए ही बहती हैं और गाय परोपकार के लिए ही दूध देती हैं अर्थात् यह शरीर भी परोपकार के लिए ही है !
यह भी जानें

Prerak-kahani Charity Prerak-kahaniParopkar Prerak-kahaniSamaj Sewa Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Prerak-kahani ›

ना जाने किस मोड़ पे, प्रभु मिल जाए - प्रेरक कहानी

एक बार संत एकनाथ अपने शिष्यों के साथ काशी से रामेश्वरम की यात्रा पर जा रहे थे। उनके हाथ में कमंडल था जिसमें गंगा-जल भरा हुआ था।...

भेष बदलने से स्वभाव नहीं बदलता - प्रेरक कहानी

बात द्वापरयुग की है। अज्ञातवास में पांडव रूप बदलकर ब्रह्मणों के वेश में रह रहे थे। एक दिन उन्हें कुछ ब्राह्मण मिले...

लक्ष्मी जी कहाँ निवास करतीं हैं - प्रेरक कहानी

एक बार की बात है, राजा बलि समय बिताने के लिए एकान्त स्थान पर गधे के रूप में छिपे हुए थे।..

सर्वोच्च शिखर पाना का मंत्र - प्रेरक कहानी

शीघ्र सफलता का मंत्र | एक युवक ने एक संत से कहा - महाराज, मैं जीवन में सर्वोच्च शिखर पाना चाहता हूँ लेकिन इसके लिए मैं निम्न स्तर से शुरुआत नहीं करना चाहता।

कुछ अच्छाइयां.. ऐसी भी.. जिनका कोई और साक्षी ना हो - प्रेरक कहानी

मैं पैदल घर आ रहा था। रास्ते में एक बिजली के खंभे पर एक कागज लगा हुआ था। पास जाकर देखा, लिखा था: कृपया पढ़ें...

यज्ञ की सच्ची पूर्ण आहुति - प्रेरक कहानी

एक बार युधिष्ठिर ने विधि-विधान से महायज्ञ का आयोजन किया। उसमें दूर-दूर से राजा-महाराजा और विद्वान आए।...

सत्संग की सही शिक्षा - प्रेरक कहानी

एक संत ने अपने दो शिष्यों को दो डिब्बों में मूँग के दाने दिये और कहाः ये मूँग हमारी अमानत हैं। ये सड़े गले नहीं बल्कि बढ़े-चढ़े यह ध्यान रखना...

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP