प्रार्थना: हम को मन की शक्ति देना (Hum Ko Mann Ki Shakti Dena)


हम को मन की शक्ति देना, मन विजय करें।
दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करें।

भेदभाव अपने दिल से, साफ कर सकें।
दोस्तों से भूल हो तो, माफ कर सकें।
झूठ से बचे रहें, सच का दम भरें।
दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करें।
॥ हम को मन की शक्ति देना...॥

मुश्किलें पड़े तो हम पे, इतना कर्म कर।
साथ दे तो धर्म का, चलें तो धर्म पर।
खुद पे हौसला रहे, बदी से ना डरें।
दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करें।

हम को मन की शक्ति देना, मन विजय करें।
दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करें।

Read Also:
» दया कर दान विद्या का हमे परमात्मा देना! | वह शक्ति हमें दो दया निधे! | हे जग त्राता विश्व विधाता! | ऐ मालिक तेरे बंदे हम! | या कुन्देन्दुतुषारहारधवला | | भजन: इतनी शक्ति हमें देना दाता
» भोजन मन्त्र: ॐ सह नाववतु। | प्रातः स्मरण - दैनिक उपासना | शांति पाठ | विद्यां ददाति विनयं! | येषां न विद्या न तपो न दानं

Hum Ko Mann Ki Shakti Dena in English

Ham Ko Mann Ki Shakti Dena, Mann Vijai Karain। Dusaron Ki Jai Se Pahale, Khud Ko Jai Karain।

VandanaSchool VandanaCollage Vandana


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

भजन: जय राम रमा रमनं समनं।

जय राम राम रमनं समनं। भव ताप भयाकुल पाहि जनम॥ अवधेस सुरेस रमेस बिभो।...

प्रार्थना: दया कर दान विद्या का!

देश के एक हजार से ज्यादा केंद्रीय विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालय में बच्चों द्वारा सुबह...

संकट मोचन हनुमानाष्टक

बाल समय रवि भक्षी लियो तब।.. लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर।...

नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे!

नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे, त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोऽहम्...

ब्रह्मन्! स्वराष्ट्र में हों, द्विज ब्रह्म तेजधारी।

ब्रह्मन्! स्वराष्ट्र में हों, द्विज ब्रह्म तेजधारी। आज भी यह प्रार्थना भारत के विभिन्न गुरुकुलों व स्कूल मे गाई जाती है। आर्य जनता इंटर कालेज, पैगू की यह प्रातः कालीन वंदना है।

श्री राम स्तुति: श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन

श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं। नव कंज लोचन कंज मुख...

श्री हनुमान साठिका

जय जय जय हनुमान अडंगी। महावीर विक्रम बजरंगी॥ जय कपीश जय पवन कुमारा। जय जगबन्दन सील अगारा॥

🔝