मुख्य आकर्षण - Key Highlights |
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| ◉ नोयडा 55-56 का सबसे बड़ा मंदिर प्रांगण। |
| ◉ स्वामी कल्याणदेव जी महाराज द्वारा स्थापित। |
| ◉ माता श्री वैष्णो देवी जी एवं भैरव जी की गुफा। |
| ◉ प्राथमिक विद्यालय, होम्योपैथिक औषधालय, वैवाहिक सेवा, पार्क की सुविधा उपलब्ध। |
सन् 2000 स्वामी कल्याणदेव जी महाराज की प्रेरणा से श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर की स्थापित की गई। जैसाकि मंदिर के नाम से ही पता लगाया जा सकता है कि मंदिर श्री लक्ष्मी-नारायण भगवान को समर्पित है।
यह श्री लक्ष्मी नारायण जी मंदिर, नोएडा के सबसे बड़े मंदिर प्रांगण मे से एक है। मंदिर के मुख्य मण्डपम् में भगवान श्री लक्ष्मी-नारायण के साथ-साथ श्री गणेश, माँ सरस्वती, श्री राधा-कृष्ण, श्री राम दरबार, वेद माता श्री गायत्री देवी एवं श्री हनुमान भी विराजमान है। साथ ही साथ माता श्री वैष्णो देवी जी एवं भैरव जी की गुफा भी बनाई गई है।
अर्ध मासिक व्रत उत्सव एकादशी की पूजा-अर्चना मंदिर का प्रमुख पर्व है, इस पवन पर्व पर मंदिर के महंत जी भक्तों का उत्साह के साथ मार्गदर्शन करते हैं। भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव अर्थात जन्माष्टमी पर मंदिर में श्री राधा-कृष्ण की झांकियां सजाई जाती हैं तथा रंगारंग प्रोग्राम भी आयोजित किए जाते हैं।
धार्मिक कथाओं एवं चरित्रों पर आधारित कृष्ण-सुदामा चरित्र, श्री कृष्ण विश्व रूप, कालिया नाग मर्दन लीला, माँ शेरावाली, भगवान लक्ष्मी-नारायण क्षीर सागर, श्री कृष्ण-अर्जुन गीता संवाद तथा गोवर्धन पर्वत धारण लीला मंदिर की दीवारों एवं विभिन्न झाँकियों द्वारा दर्शाया गया है।
यह सुंदर-स्वच्छ मंदिर नोएडा के सेक्टर 12, 22, 55, 56, 57, 62, 58, 47, बिसानपुरा एवं खोड़ा जैसे क्षेत्रों में बहुत प्रसिद्ध है। मंदिर से ही जुड़ा विशाल पार्क बच्चों को मंदिर की ओर खींचे लाता है।
एक साक्षात्कार के दौरान, स्वामी कल्याणदेव ने कहा कि उनकी प्रेरणा 1893 में आई, जब उन्होंने खेतड़ी में स्वामी विवेकानंद से मुलाकात की, जिन्होंने उनसे कहा,
❀ यदि आप भगवान को देखना चाहते हैं, तो गरीबों की झोपड़ियों में जाएं।
❀ और यदि आप भगवान को प्राप्त करना चाहते हैं, तो गरीबों, असहायों, दलितों और दुखियों की सेवा करें।
❀ कल्याणदेव ने कहा कि गरीबों की सेवा के माध्यम से भगवान को प्राप्त करना वह मंत्र है जो मैंने स्वामीजी से प्राप्त किया था।

Laxmi Narayan Dwar, main gate entry point of Shri Laxmi Narayan Mandir

Hawan Shala in Shri Laxmi Narayan Mandir

Maa Sarswati Ji in middle of Maa Vaishno Devi gufa

Swami Kalyandev Ji Maharaj (21 Jun 1876 - 14 July 2004) founder of Shri Laxmi Narayan Mandir

Entry gate of Maa Vaishno Devi gufa

A inner view of Maa Vaishno Devi gufa

Full outer view of Maa Vaishno Devi gufa

Siddha Baba Balaknath Ji in Maa Vaishno Devi gufa
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