श्री अनंता मधुसूदना। पद्मनाभा नारायणा।
जगव्यापका जनार्दना। आनंदघना अविनाशा॥
सकळ देवाधिदेवा। कृपाळु व्हा जी केशवा।
महानंदा महानुभवा। सदाशिवा सहजरूपा॥
चक्रधरा विश्वंभरा। गरूडध्वजा करूणाकरा।
सहस्त्रपादा सहस्त्रकरा। क्षिरसागरा शेषशयना॥
कमलनयना कमलापती। कामिनीमोहना मदनमूर्ती।
भवतारका धरी त्या क्षिती। वामनमूर्ती त्रिविक्रमा॥
अगा हे सगुणा निर्गुणा। जगजनित्या जगजिवना।
वसुदेव देवकीनंदना। बाळ रांगना बाळकृष्णा॥
तुका आला लोटांगणी। मज ठाव द्यावा जी चरणी।
हेचि करीतसे विनवणी। भवबंधनी सोडवावे॥
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