चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तो - भजन (Chalo Shiv Shankar Ke Mandir Me Bhakto)


लिया नाम जिसने भी शिवजी का मन से,
उसे भोले शंकर ने अपना बनाया ।
खुले उस पे सब द्वार शिव की दया के,
जो श्रद्धा से भोले के मंदिर में आया ॥
हर हर हर महादेव की जय हो ।
शंकर शिव कैलाशपति की जय हो ॥

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तो,
शिव जी के चरणों में सर को झुकाए ।
करें अपने तन मन को गंगा सा पावन..2
जपें नाम शिव का भजन इनके गाएं ॥

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तो
हर हर हर महादेव की जय हो ।..4

यह संसार झूठी माया का बंधन,
शिवालयमें मार्ग है मुक्ति का भक्तो ।
महादेव का नाम लेने से हर दिन,
मिलेगा हमें दान शक्ति का भक्तो ।
मिट्टी में मिट्टी की काया मिलेगी..2
चलो आत्मा को तो कुंदन बनाएं ॥
चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तो॥

कहीं भी नहीं अंत उस की दया का,
करें वंदना उस दयालु पिता की ।
हमें भी मिले छावं उसकी कृपा की,
हमे भी मिले भीख उसकी दया की ।
लगाकर समाधि करें शिव का सिमरन..2
यूँ सोये हुए भाग्य अपने जगाएं ॥
चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तो ॥

करें सब का कल्याण, कल्याणकारी,
भरे सबके भण्डार त्रिनेत्र धारी ।
कोई उसको जग में कमी ना रहेगी,
बनेगा जो तनमन से शिव का पुजारी ।
करे नाम लेकर सफल अपना जीवन..2
यह अनमोल जीवन यूँही ना गवाए ॥

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तो
शिव जी के चरणों में सर को झुकाए ।
करें अपने तन मन को गंगा सा पावन..2
जपें नाम शिव का भजन इनके गाएं ॥

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तो
हर हर हर महादेव की जय हो ।..4

श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्र | शिव चालीसा | आरती: श्री शिव, शंकर, भोलेनाथ
Chalo Shiv Shankar Ke Mandir Me Bhakto - Read in English
Chalo Shiv Shankar Ke Mandir Mein Bhakto, Har Har Har Mahadev Kee Jay Ho ।
Bhajan Shiv BhajanBholenath BhajanMahadev BhajanShivaratri BhajanSavan BhajanMonday BhajanSomvar BhajanSolah Somvar Bhajan
अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार - भजन

दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार, यहाँ पे भी जो हारा, कहाँ जाऊंगा सरकार॥

ओम अनेक बार बोल: भजन

ओम अनेक बार बोल, प्रेम के प्रयोगी। है यही अनादि नाद, निर्विकल्प निर्विवाद।...

तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का - भजन

रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने, वही ये सृष्टि चला रहे है, जो पेड़ हमने लगाया पहले...

भवसागर तारण कारण हे - प्रार्थना

भवसागर तारण कारण हे । रविनन्दन बन्धन खण्डन हे ॥ शरणागत किंकर भीत मने..

आजा.. नंद के दुलारे हो..हो..: भजन

आजा.. नंद के दुलारे हो..हो.., रोवे अकेली मीरा..आ.., आजा.. नंद के दुलारे हो..हो.. - विधि देशवाल