नीलाम्बुजश्यामलकोमलाङ्गं (Neelambuj Shyamal Komalangam)


नीलाम्बुजश्यामलकोमलाङ्गं सीतासमारोपितवामभागम्।
पाणौ महासायकचारुचापं नमामि रामं रघुवंशनाथम्॥
भावार्थ:
नील कमल के सामान श्यामल, सुन्दर, सांवले और कोमल अंग वाले। जिन के बाई ओर सीता माता विराजमान हो कर के इस दृश्य को और भी सुशोभित करती है।

जिन के दोनों हाथो में अमोघ धनुष और बाण इस प्रिये छबी को और भी निखारते है . उन रघु कुल के शिरोमणि को हम नमस्कार करते है , प्रणाम करते है।

यह अयोध्या कांड का तीसरा श्लोक है। बहुत से लोग रामायण प्रचार से पहले इस सुंदर श्लोक का पाठ करना पसंद करते हैं। जब आप श्री राम कथा सुनाते हैं या इस श्लोक का पाठ सुनते हैं, तो उम्मीद है कि इसे समझना थोड़ा आसान हो जाता है।
Neelambuj Shyamal Komalangam - Read in English
Neelambuj Shyaamal Komal Aangam Sita Samaro Pita Vaam Bhaagam
Mantra Shri Ram MantraShri Raghuvar MantraRam Navmi MantraJanaki Jayanti Sundarkand MantraRamayan Path MantraVijayadashami MantraMata Sita MantraRam Sita Vivah MantraShri Ram MantraShri Raghuvar MantraRam Navami Mantra
अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

नीलाम्बुजश्यामलकोमलाङ्गं

नीलाम्बुजश्यामलकोमलाङ्गं सीतासमारोपितवामभागम्।

श्री गंगा स्तोत्रम्

देवि सुरेश्वरि भगवति गङ्गे त्रिभुवनतारिणि तरलतरङ्गे। शङ्करमौलिविहारिणि विमले मम मतिरास्तां तव पदकमले॥

वक्रतुण्ड महाकाय - गणेश मंत्र

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

अष्टोत्तर भैरव नामावलि

अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम्: श्री भैरव जी के कल्याणकारी 108 नाम/नामावलि - ॐ भैरवाय नमः, ॐ भूतनाथाय नमः...

नामावलि: श्री गणेश अष्टोत्तर नामावलि

श्री गणेश के 108 नाम और उनसे जुड़े मंत्र। गजानन- ॐ गजाननाय नमः। गणाध्यक्ष- ॐ गणाध्यक्षाय नमः...