Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

ऐसो रास रच्यो वृन्दावन - भजन (Aiso Ras Racho Vrindavan Hai Rahi Payal Ki Jhankar)


ऐसो रास रच्यो वृन्दावन - भजन
ऐसो रास रच्यो वृन्दावन,
है रही पायल की झंकार ॥
ऐसो रास रच्यो वृन्दावन,
है रही पायल की झंकार ॥
घुंघरू खूब छमा छ्म बाजे,
बजते बिछुवा बहुते बाजे,
रवा कौंधनी केहु बाजे,
अंग अंग में गहना साजे,
चूडियन की झंकार,
ऐसो रास रच्यो वृंदावन,
है रही पायल की झंकार ॥
बाजे भात भाँति के बाजे,
झांझ पखावज दुन्दुभि बाजे,
सारंगी और महुवर बाजे,
बंसी बाजे मधुर मधुर बाजे,
वीणा हूँ के तार,
ऐसो रास रच्यो वृंदावन,
है रही पायल की झंकार ॥

राधा मोहन दे गलबईयाँ,
नाचे संग संग ले फिरकईयाँ,
चाल चले शीतल सुखदईयाँ,
जामा पाटुका लहंगा फरिया,
करे सनन सरकार,
ऐसो रास रच्यो वृंदावन,
है रही पायल की झंकार ॥

ऐसो रास रच्यो वृन्दावन,
है रही पायल की झंकार ॥

Aiso Ras Racho Vrindavan Hai Rahi Payal Ki Jhankar in English

Aiso Raas Rachyo Vrindavan, Hai Rahi Payal Ki Jhankar ॥
यह भी जानें

Bhajan Shri Krishna BhajanBrij BhajanBaal Krishna BhajanBhagwat BhajanJanmashtami BhajanLaddu Gopal BhajanRadhashtami BhajanHoli BhajanPhalguna BhajanIskcon BhajanDevi Chitralekhaji Bhajan

अन्य प्रसिद्ध ऐसो रास रच्यो वृन्दावन - भजन वीडियो

Sharad Purnima Special

नित्य संकीर्तन - श्री रघुनाथद्वारा भीलवाड़ा

बाबा श्री चित्र विचित्र जी महाराज

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे - भजन

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे, जगन्नाथ, जगन्नाथ, चका नैन, चका नैन

बाबा मेरे जगन्नाथ तेरा चर्चा हो ग्या रे - भजन

बाबा मेरे जगन्नाथ तेरा चर्चा हो ग्या रै, यो खाती का छौरा बाबा तेरा हो ग्या सै..

ମିଛ ଦୁନିଆରେ ଗୋଟିଏ ସତ - भजन

ମିଛ ଦୁନିଆରେ ଗୋଟିଏ ସତ (୨), ଜଗନ୍ନାଥ ସେ ମୋ ଜଗନ୍ନାଥ (୨)

जय जगन्नाथ हमें रहना आपके चरणों में - जगन्नाथ भजन

शुभ शुभ दिन आया शुभ घड़ी, जय जगन्नाथ से गूंजा आसमान, उसे चारों धाम का पुण्य मिला, जो करके पूर्ण तेरी परिक्रमा

जय जय जगन्नाथ जग के नाथ - जगन्नाथ भजन

जय जय जगन्नाथ जग के नाथ, हम तुम्हें भजते हैं दिन रात, जिनका न कोई तुम उनके साथ, हम तुम्हें भजते हैं दिन रात

कोई लाख करे चतुरायी: भजन

कोई लाख करे चतुरायी, करम का लेख मिटे ना रे भाई, जरा समझो इसकी सच्चाई रे...

भजन: अमृत बेला गया आलसी सो रहा बन आभागा !

बेला अमृत गया, आलसी सो रहा, बन आभागा, साथी सारे जगे, तू न जागा...

Durga Chalisa - Durga Chalisa
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP