close this ads

कबहुँ ना छूटी छठि मइया...


कबहुँ ना छूटी छठि मइया, हमनी से बरत तोहार
हमनी से बरत तोहार
तहरे भरोसा हमनी के, छूटी नाही छठ के त्योहार
छूटी नाही छठ के त्योहार
अपने सरन में ही रखिह∫, दिह∫ आसिस हज़ार
दिह∫ आसिस हज़ार
गोदिया भराईल छठी मइय्या, बाटे राऊर किरपा अपार
बाटे राऊर किरपा अपार
चाहें रहब देसवा बिदेसवा, छठ करब हम हर बार
छठ करब हम हर बार
डूबतो सुरुज के जे पूजे, इहे बाटे हमर बिहार
इहे बाटे हमर बिहार
फलवा दउरवा सजाके, अईनी हम घाट पे तोहार
अईनी हम घाट पे तोहार
दिहनी अरघ छठी मईया, करीं हमर आरती स्वीकार
करीं हमर आरती स्वीकार
कबहुँ ना छूटी छठि मइया, हमनी से बरत तोहार
हमनी से बरत तोहार
तहरे भरोसा हमनी के, छूटी नाही छठ के त्योहार
छूटी नाही छठ के त्योहार
छूटी नाही छठ के त्योहार
छूटी नाही छठ के त्योहार

ये भी जानें

BhajanChhath Puja BhajanChhath Bhajan


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें साझा जरूर करें: यहाँ साझा करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

राम को देख कर के जनक नंदिनी, और सखी संवाद!

राम को देख कर के जनक नंदिनी, बाग में वो खड़ी की खड़ी रह गयी। थे जनक पुर गये देखने के लिए...

राम सीता और लखन वन जा रहे!

श्री राम भजन वीडियो: राम सीता और लखन वन जा रहे, हाय अयोध्या में अँधेरे छा रहे...

जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैया..

जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैया, सबको बहुत बधाई है, बहुत बधाई है...

राम को देख कर के जनक नंदिनी

राम को देख कर के जनक नंदिनी, बाग में वो खड़ी की खड़ी रह गयी। यज्ञ रक्षा में जा कर के मुनिवर के संग...

भजन: कभी राम बनके, कभी श्याम बनके!

कभी राम बनके कभी श्याम बनके, चले आना प्रभुजी चले आना...

राम नाम लड्डू, गोपाल नाम घी..

राम नाम लड्डू, गोपाल नाम घी। हरि नाम मिश्री, तू घोल-घोल पी ॥

घर आये राम लखन और सीता..

घर आये राम लखन और सीता, अयोध्या सुन्दर सज गई रे, सुन्दर सज गई रे अयोध्या...

बोलो राम! मन में राम बसा ले।

बोलो राम जय जय राम, जन्म सफल होगा बन्दे, मन में राम बसा ले...

भजन: श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में!

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में, देख लो मेरे मन के नागिनें में।

जय रघुनन्दन, जय सिया राम।

जय रघुनन्दन, जय सिया राम। भजमन प्यारे, जय सिया राम।

^
top