भक्ति भारत को फेसबुक पर फॉलो करें!

मेरी झोली छोटी पड़ गयी रे!


मेरी झोली छोटी पड़ गयी रे,
इतना दिया मेरी माता।

मेरी बिगड़ी माँ ने बनायीं,
सोयी तकदीर जगायी।
ये बात ना सुनी सुनाई,
मैं खुद बीती बतलाता रे।
इतना दिया मेरी माता,
॥ मेरी झोली छोटी पड़...॥

मान मिला सम्मान मिला,
गुणवान मुझे संतान मिली।
धन धान मिला नित ध्यान मिला,
माँ से ही मुझे पहचान मिली।
घरबार दिया मुझे माँ ने,
बेशुमार दिया मुझे माँ ने,
हर बार दिया मुझे माँ ने,
जब जब मैं माँगने जाता।
मुझे इतना दिया मेरी माता,
॥ मेरी झोली छोटी पड़...॥

मेरा रोग कटा मेरा कष्ट मिटा,
हर संकट माँ ने दूर किया,
भूले से कभी जो गुरुर किया,
मेरे अभिमान को चूर किया।
मेरे अंग संग हुई सहाई,
भटके को राह दिखाई।
क्या लीला माँ ने रचाई,
मैं कुछ भी समझ ना पाता।
इतना दिया मेरी माता,
॥ मेरी झोली छोटी पड़...॥

उपकार करे भव पार करे,
सपने सब के साकार करे।
ना देर करे माँ मेहर करे,
भक्तो के सदा भंडार भरे।
महिमा निराली माँ की,
दुनिया है सवाली माँ की।
जो लगन लगा ले माँ की,
मुश्किल में नहीं घबराता रे।
इतना दिया मेरी माता,
॥ मेरी झोली छोटी पड़...॥

कर कोई जतन ऐ चंचल मन,
तू होके मगन चल माँ के भवन।
पा जाये नयन पावन दर्शन,
हो जाये सफल फिर ये जीवन।
तू थाम ले माँ का दामन,
ना चिंता रहे ना उलझन।
दिन रात मनन कर सुमिरन,
चाकर माँ कहलाता।
इतना दिया मेरी माता,
॥ मेरी झोली छोटी पड़...॥

मेरी झोली छोटी पड़ गयी रे,
इतना दिया मेरी माता।
मेरी बिगड़ी माँ ने बनायीं,
सोयी तकदीर जगायी।
ये बात ना सुनी सुनाई,
मैं खुद बीती बतलाता रे।
इतना दिया मेरी माता,
॥ मेरी झोली छोटी पड़...॥

Read Also:
» नवरात्रि - Navratri | दुर्गा पूजा - Durga Puja
» दिल्ली के आस-पास माता के प्रसिद्ध मंदिर! | जानें दिल्ली के कालीबाड़ी मंदिरों के बारे मे!
» अम्बे तू है जगदम्बे काली | जय अम्बे गौरी | आरती माँ लक्ष्मीजी | आरती: श्री पार्वती माँ | आरती: माँ सरस्वती जी

BhajanMaa Durga BhajanMata BhajanNavratri Bhajan


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

माँ सरस्वती! मुझको नवल उत्थान दो।

मुझको नवल उत्थान दो । माँ सरस्वती! वरदान दो ॥ माँ शारदे! हंसासिनी...

हे वीणा वादिनी सरस्वती, हंस वाहिनी..

हे वीणा वादिनी सरस्वती, हंस वाहिनी सरस्वती, विद्या दायिनी सरस्वती...

माँ शारदे कहाँ तू, वीणा बजा रही हैं!

माँ शारदे कहाँ तू, वीणा बजा रही हैं, किस मंजु ज्ञान से तू...

माँ! मुझे तेरी जरूरत है।

माँ ! मुझे तेरी जरूरत है। कब डालोगी, मेरे घर फेरा, तेरे बिन, जी नहीं लगता मेरा...

मेरा हाथ पकड़ ले रे, कान्हा..

मेरा हाथ पकड़ ले रे, कान्हा दिल मेरा घबराये, काले काले बादल...

जय जय शनि देव महाराज!

जय जय शनि देव महाराज, जन के संकट हरने वाले। तुम सूर्य पुत्र बलिधारी...

ज्योत से ज्योत जगाते चलो...

ज्योत से ज्योत जगाते चलो, प्रेम की गंगा बहाते चलो, राह में आये जो दीन दुखी, सब को गले से लगते चलो...

तेरे द्वार खड़ा भगवान, भक्त भर...

तेरे द्वार खड़ा भगवान, भक्त भर दे रे झोली। तेरा होगा बड़ा एहसान...

भजन: तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये!

साँची ज्योतो वाली माता, तेरी जय जय कार। तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये।

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं।

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम।

close this ads
^
top