हिंदू धर्म के अनुसार दिन और रात को मिलाकर 24 घंटे में आठ प्रहर होते हैं। औसतन एक प्रहर तीन घंटे या साढ़े सात घंटे का होता है, जिसमें दो मुहूर्त होते हैं। एक प्रहर 24 मिनट की एक घाट होती है। कुल आठ प्रहर, दिन के चार और रात के चार।
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काशी नगरी जो कि मोक्ष की नगरी है , जहां मृत्यु भी एक उत्सव है और जहां देवाधिदेव महादेव महा शमशान मणिकर्णिका घाट पर स्वयं अपने गणों और भक्तों के साथ धधकती चिताओं के बीच चिता भस्म की होली खेलते हैं, ऐसी मान्यता है।
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देवघर के आस-पास घूमने की सबसे अच्छी जगह
अगर आप देवघर जाने की योजना बना रहे हैं तो बाबा बैद्यनाथ के मुख्य मंदिर के अलावा आप देवघर में और भी बहुत कुछ देख सकते हैं। शिवगंगा | त्रिकूट पर्वत | नंदन पहाड़ी | सत्संग आश्रम | नौलखा मंदिर | तपोवन | रिखियापीठ आश्रम | हरिला जोरिक | श्रीनिवास आंगन | देवसंगा मठ
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चैत्र नवरात्रि 2026 व्रत के आहार और लाभ
नवरात्रि का पवित्र पर्व मां दुर्गा को समर्पित है। यह हिन्दू धर्म का बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व है। चैत्र नवरात्रि 2026, 19 मार्च से शुरू हो रहा है और 27 मार्च तक चलेगा। अगर आप नवरात्रि में पूरे 9 दिनों का उपवास करने की सोच रहे हैं, तो यहां कुछ स्नैक्स, फल और खाने की चीजें हैं जिनका सेवन आप नवरात्रि के दौरान कर सकते हैं।
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संकष्टी चतुर्थी और विनायक चतुर्थी में क्या अंतर है?
शास्त्रों के अनुसार अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी जो पूर्णिमा के बाद आती है उसे संकष्टी चतुर्थी कहते हैं।
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होली का त्योहार देशभर में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन कान्हा की नगरी मथुरा में रंगों का यह त्योहार 40 दिनों तक चलता है, जिसकी शुरुआत वसंत पंचमी के दिन से होती है।
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आइए जानें! भारत मे तीन दिनों तक चलने वाला तथा ब्रजभूमि मे पाँच दिनों तक चलने वाले इस उत्सव से जुड़ी कुछ विशेष जानकारियाँ, आरतियाँ एवं भजन...
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तुलाभारम क्या है, तुलाभारम कैसे करें?
तुलाभारम और तुलाभरा जिसे तुला-दान के नाम से भी जाना जाता है, एक प्राचीन हिंदू प्रथा है यह एक प्राचीन अनुष्ठान है। तुलाभारम द्वापर युग से प्रचलित है। तुलाभारम का अर्थ है कि एक व्यक्ति को तराजू के एक हिस्से पर बैठाया जाता है और व्यक्ति की क्षमता के अनुसार बराबर मात्रा में चावल, तेल, सोना या चांदी या अनाज, फूल, गुड़ आदि तौला जाता है और भगवान को चढ़ाया जाता है।
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खाटू श्याम निशान यात्रा क्या है?
निशान यात्रा एक तरह की पदयात्रा होती है, श्री श्याम ध्वज हाथ में उठाकर श्याम बाबा को चढाने खाटू श्याम जी मंदिर तक आते है।..
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क्या रंग महोत्सव होली विदेशों में प्रसिद्ध है?
होली भारत के बाहर तेजी से लोकप्रिय हो गई है - बड़े हिस्से में दुनिया भर में लाखों सनातन अनुयायियों के कारण। एक अन्य भारतीय त्योहार दिवाली की तरह, विदेशों में रहने वाले दक्षिण एशियाई विरासत वाले समुदाय अक्सर होली मनाने के लिए एकत्र होते हैं।
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14 विद्या और 16 कला का क्या अर्थ है?
कला का अर्थ है संस्कृत में प्रदर्शन कला। चौसठ कला या चतुर्दशी कला के रूप में जानी जाने वाली 64 पारंपरिक कलाओं में से कई की महारत ने प्राचीन भारत के कई हिस्सों में एक सुसंस्कृत व्यक्ति के विकास में एक महत्वपूर्ण आधार बनाया।
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महा शिवरात्रि का उत्सव बड़ी ही धूम-धाम से मनाया जाएगा। महा शिवरात्रि क्यों, कब, कहाँ और कैसे? | आरती: | चालीसा | मंत्र | नामावली | कथा | मंदिर | भजन
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ब्रह्म मुहूर्त में उठने की परंपरा क्यों है?
ब्रह्म मुहूर्त में उठने से व्यक्ति को सुंदरता, लक्ष्मी, बुद्धि, स्वास्थ्य, आयु आदि की प्राप्ति होती है। ब्रह्ममुहूर्त समय अत्यधिक महत्वपूर्ण समय होता है, यह शरीर को व्यस्त दिन के साथ बनाए रखने के लिए एक अच्छी ऊर्जा को बढ़ावा देता है।
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कैसे करें आध्यात्मिक वैष्णो देवी यात्रा?
जय माता दी! की गूंज और पूरी घाटी के खूबसूरत नज़ारों के बीच पवित्र गुफा की चढ़ाई चढ़ते हुए, माता वैष्णो देवी के मंदिर की यात्रा किसी अन्य की तरह एक आध्यात्मिक यात्रा है।
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