Shri Krishna Bhajan

चैत्र मास 2026 (Chaitra Maas 2026)

चैत्र मास, हिंदू कैलेंडर का पहला महीना, जो हिंदू नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। हिन्दू वर्ष का प्रथम मास होने के कारण चैत्र का विशेष महत्व है। चैत्र मास की पूर्णिमा चित्रा नक्षत्र में है, इसलिए इस मास का नाम चैत्र है। चैत्र का महीना मार्च या अप्रैल में आता है।

Chaitra Maas 2026 in English

Chaitra maas, the first month of the Hindu calendar, which marks the beginning of the Hindu New Year. Being the first month of the Hindu year, Chaitra has great importance.
यह भी जानें

Blogs Chaitra Maas BlogsMaas BlogsHindu Pavitra Maas BlogsBhai Dooj BlogsYugadi BlogsGudi Padwa BlogsChaitra Navratri BlogsRam Navami BlogsHanuman Jayanti BlogsGangaur Blogs

अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस ब्लॉग को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

ब्लॉग ›

तिलक के प्रकार

तिलक एक हिंदू परंपरा है जो काफी समय से चली आ रही है। विभिन्न समूह विभिन्न प्रकार के तिलकों का उपयोग करते हैं।

रवि योग क्या है?

रवि योग तब बनता है जब सूर्य के नक्षत्र और चंद्रमा के नक्षत्र के बीच की दूरी 4वें, 6वें, 8वें, 9वें, 12वें या 14वें नक्षत्र के अलावा कुछ भी हो।

हिंदू देवताओं को सोने से क्यों सजाया जाता है?

हिंदू परंपरा में, देवताओं को सोने के आभूषणों से विलासिता के लिए नहीं, बल्कि गहरे प्रतीकात्मक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कारणों से सजाया जाता है।

मंडला पूजा क्या है?

मंडला पूजा, शास्त्रों में निर्धारित सभी तपस्या और दिनचर्या के साथ 41 दिनों की लंबी अवधि पूरे कठोर रीती रिवाज़ के साथ पालन किया जाने वाला अनुष्ठान है।

ब्रज के भावनात्मक 12 ज्योतिर्लिंग

ब्रजेश्र्वर महादेव: (बरसाना)श्री राधा रानी के पिता भृषभानु जी भानोखर सरोवर मे स्नान करके नित्य ब्रजेश्वर महादेव की पूजा करते थे।

जैन ध्वज क्या है?

जैन धर्म में जैन ध्वज महत्वपूर्ण है और इसके अनुयायियों के लिए एकता के प्रतीक के रूप में कार्य करता है। विभिन्न समारोहों के दौरान जैन ध्वज मंदिर के मुख्य शिखर के ऊपर फहराया जाता है।

रुद्राभिषेक क्या है ?

अभिषेक शब्द का शाब्दिक अर्थ है – स्नान कराना। रुद्राभिषेक का अर्थ है भगवान रुद्र का अभिषेक अर्थात शिवलिंग पर रुद्र के मंत्रों के द्वारा अभिषेक करना।

Ram Bhajan - Ram Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP