गुलिका कालगुलिका काल जिसे मांडी, कुलिगाई काल भी कहा जाता है वैदिक ज्योतिष में शनि द्वारा शासित एक विशेष काल है, जिसके दौरान कुछ गतिविधियों को अशुभ माना जाता है।
दुर्गा पूजा धुनुची नृत्यधुनुची नृत्य नाच दुर्गा पूजा के दौरान किया जाने वाला एक भक्ति नृत्य है और यह बंगाल की पारंपरिक नृत्य है। मां दुर्गा को धन्यवाद प्रस्ताव के रूप में पेश किया जाने वाला नृत्य शाम की दुर्गा आरती में ढाक बाजा, उलू ध्वनि की ताल पर किया जाता है।
आठ प्रहर क्या है?हिंदू धर्म के अनुसार दिन और रात को मिलाकर 24 घंटे में आठ प्रहर होते हैं। औसतन एक प्रहर तीन घंटे या साढ़े सात घंटे का होता है, जिसमें दो मुहूर्त होते हैं। एक प्रहर 24 मिनट की एक घाट होती है। कुल आठ प्रहर, दिन के चार और रात के चार।
काशी की चिता भस्म होलीकाशी नगरी जो कि मोक्ष की नगरी है , जहां मृत्यु भी एक उत्सव है और जहां देवाधिदेव महादेव महा शमशान मणिकर्णिका घाट पर स्वयं अपने गणों और भक्तों के साथ धधकती चिताओं के बीच चिता भस्म की होली खेलते हैं, ऐसी मान्यता है।
भारतीय ऋतुएँसभी ऋतुओं की बात करें तो एक वर्ष में कुल छह ऋतुएँ होती हैं। इस मामले में, प्रत्येक मौसम की अवधि दो महीने है।
देवघर के आस-पास घूमने की सबसे अच्छी जगहअगर आप देवघर जाने की योजना बना रहे हैं तो बाबा बैद्यनाथ के मुख्य मंदिर के अलावा आप देवघर में और भी बहुत कुछ देख सकते हैं। शिवगंगा | त्रिकूट पर्वत | नंदन पहाड़ी | सत्संग आश्रम | नौलखा मंदिर | तपोवन | रिखियापीठ आश्रम | हरिला जोरिक | श्रीनिवास आंगन | देवसंगा मठ