नवरात्रि विशेष 2026 - Navratri Specials 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

राम मंदिर के पुरानी मूर्ति का क्या होगा? (What will happen to the old idol of Ram temple?)

राम मंदिर के पुरानी मूर्ति का क्या होगा?
हिंदू धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि जब भी किसी मंदिर या नई जगह पर भगवान की नई मूर्ति स्थापित की जाती है तो पुरानी मूर्ति को वहां से हटाना पड़ता है। अयोध्या राम मंदिर का अनावरण 22 जनवरी को होने जा रहा है। भव्य राम मंदिर में श्रीराम के बाल स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। स्थापित होने वाली रामलला की मूर्ति का भी चयन कर लिया गया है। ऐसे में अब सवाल ये है कि राम मंदिर के गर्भगृह में पहले से मौजूद श्री राम की मूर्ति का क्या होगा। माना जा रहा है कि रामलला की नई मूर्ति दुनिया की सबसे खूबसूरत और अलौकिक मूर्ति होगी।
पुरानी मूर्ति का क्या होगा?
माना जा रहा है कि रामलला की नई मूर्ति की स्थापना के साथ ही पुरानी मूर्ति को फिर से मंदिर के गर्भगृह में प्रतिष्ठित किया जाएगा। सबसे पहले मंदिर के गर्भगृह में रामलला की नई बाल स्वरूप मूर्ति स्थापित की जाएगी, उसके बाद फिर से पुरानी मूर्ति स्थापित की जाएगी।

एक तरफ जहां रामलला की नई मूर्ति अचल मूर्ति होगी, यानी इस नई शिशु रूपी मूर्ति को कभी भी गर्भगृह से नहीं हटाया जाएगा और न ही बाहर निकाला जाएगा। वहीं पुरानी प्रतिमा को उत्सव प्रतिमा के नाम से जाना जाएगा। इस प्रतिमा का उपयोग सभी त्योहारों में किया जाएगा।

सरल शब्दों में कहें तो जब भी श्री राम से जुड़ा कोई उत्सव मनाया जाएगा तो इस मूर्ति को गर्भगृह से बाहर निकाल लिया जाएगा और जुलूस आदि धार्मिक कार्यों में उपयोग किया जाएगा, लेकिन बालस्वरूप की मूर्ति हमेशा गर्भगृह में ही स्थापित की जाएगी। भक्तों को दर्शन मिलते रहेंगे।

What will happen to the old idol of Ram temple? in English

It is believed that with the installation of the new idol of Ramlala, the old idol will be re-established in the sanctum of the temple.
यह भी जानें

Blogs Ram Temple In Ayodhya BlogsPran Pratishtha BlogsRam Murti BlogsJai Shri Ram Blogs6 Blogs000 Invitations BlogsShri Vishnu BlogsDashavatar BlogsShaligram Shila BlogsShaligram Avatar BlogsShri Ram Janmbhoomi BlogsRam Mandir BlogsAyodhya Blogs

अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस ब्लॉग को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

ब्लॉग ›

दुर्गा पूजा धुनुची नृत्य

धुनुची नृत्य नाच दुर्गा पूजा के दौरान किया जाने वाला एक भक्ति नृत्य है और यह बंगाल की पारंपरिक नृत्य है। मां दुर्गा को धन्यवाद प्रस्ताव के रूप में पेश किया जाने वाला नृत्य शाम की दुर्गा आरती में ढाक बाजा, उलू ध्वनि की ताल पर किया जाता है।

नवरात्रि व्रत के भोजन और लाभ

खाद्य पदार्थ जिनका सेवन आप नवरात्रि के दौरान कर सकते हैं। यह आवश्यकता के अनुसार सही मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन प्रदान करता है।

नवरात्रि में कन्या पूजन की विधि

नवरात्रि में विधि-विधान से मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इसके साथ ही अष्टमी और नवमी तिथि को बहुत ही खास माना जाता है, क्योंकि इन दिनों कन्या पूजन का भी विधान है। ऐसा माना जाता है कि नवरात्रि में कन्या की पूजा करने से सुख-समृद्धि आती है। इससे मां दुर्गा शीघ्र प्रसन्न होती हैं।

शारदीय नवरात्रि स्पेशल

Vijayadashami Specials | शारदीय नवरात्रि वर्ष 2024 में 3 अक्टूबर से प्रारंभ हो रही है। आइए जानें! ऊर्जा से भरे इस उत्सव के जुड़ी कुछ विशेष जानकारियाँ, आरतियाँ, भजन, मंत्र एवं रोचक कथाएँ त्वरित(quick) लिंक्स के द्वारा...

कनाडा के प्रसिद्ध दस हिंदू मंदिर

कनाडा देश दुनिया के सबसे धर्मनिरपेक्ष देशों में से एक है। कुछ दशकों में हिंदुओं ने कनाडा के जीवन के तरीके को इतना प्रभावित किया है कि वे सबसे बड़े समुदायों में से एक हैं। देश भर में मंदिर समितियां हैं जो कनाडा में हिंदू मंदिरों के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी लेती हैं। यहां हमने कनाडा के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बताया है।

घटस्थापना 2026

घटस्थापना रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी। यह 9 दिवसीय नवरात्रि उत्सव के दौरान पालन किया जाने वाला एक अनुष्ठान है।

पितृ पक्ष में मौली क्यों नहीं बाँधी जाती?

पितृ पक्ष की पूजा के दौरान मौली (पूजा के दौरान कलाई पर बाँधा जाने वाला पवित्र लाल-पीला धागा) नहीं बाँधी जाती क्योंकि इस अवधि में किए जाने वाले अनुष्ठान केवल पितरों (पूर्वजों) के लिए होते हैं, न कि देवताओं के लिए।

Navratri Specials 2026 - Navratri Specials 2026
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP