यही है प्रार्थना प्रभुवर!


यही है प्रार्थना प्रभुवर! जीवन ये निराला हो।
परोपकारी, सदाचारी व लम्बी आयु वाला हो॥

सरलता, शीलता, शुचिता हों भूषण मेरे जीवन के।
सचाई, सादगी, श्रद्धा को मन साँचे में ढाला हो॥
॥ यही है प्रार्थना प्रभुवर...॥

मेरा वेदोक्त हो जीवन, बनूँ मैं धर्म-अनुरागी।
रहूँ आज्ञा में वेदों की, न हुक्मेवेद टाला हो॥
॥ यही है प्रार्थना प्रभुवर...॥

तेरी भक्ति में हे भगवन्, लगा दूँ अपना मैं तन-मन।
दिखावे के लिये हाथों में थैली हो, न माला हो॥
॥ यही है प्रार्थना प्रभुवर...॥

तजूँ सब खोटे कर्मों को, तजूँ दुर्वासनाओं को।
तेरे विज्ञान दीपक का मेरे मन में उजाला हो॥
॥ यही है प्रार्थना प्रभुवर...॥

पिला दे मोक्ष की घुट्टी, मरण-जीवन से हो छुट्टी।
विनय अन्तिम ये सेवक की अगर मंजूरे वाला हो॥

यही है प्रार्थना प्रभुवर! जीवन ये निराला हो।
परोपकारी, सदाचारी व लम्बी आयुवालो हो॥

VandanaVedic VandanaVed VandanaSchool Vandana


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

श्री राम स्तुति: श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन

श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं। नव कंज लोचन कंज मुख...

भजन: जय राम रमा रमनं समनं।

जय राम राम रमनं समनं। भव ताप भयाकुल पाहि जनम॥ अवधेस सुरेस रमेस बिभो।...

संकट मोचन हनुमानाष्टक

बाल समय रवि भक्षी लियो तब।.. लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर।...

श्री हनुमान साठिका

जय जय जय हनुमान अडंगी। महावीर विक्रम बजरंगी॥ जय कपीश जय पवन कुमारा। जय जगबन्दन सील अगारा॥

श्री हनुमान बाहुक

असहनीय कष्टों से हताश होकर अन्त में उसकी निवृत्ति के लिये गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमानजी की वन्दना आरम्भ की जो कि ४४ पद्यों के हनुमानबाहुक प्रसिद्ध स्तोत्र लिखा।

श्री बजरंग बाण पाठ

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥

भगवान बुद्ध वन्दना

नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मा सम्बुद्धस्स। नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मा सम्बुद्धस्स।...

🔝