आ नचियाँ दरबार ते संगता आ नचियाँ - भजन (Aa Nachiyan Darbar Te Sangtan Aa Nachiyan)


आ नचियां दरबार, ते संगतां आ नचियां ॥
खुशियां दे विच, झूहमण सारे, वजदे ढोल नगाड़े,
जै जै, मंसा देवी मैया, लगदे ने जैकारे...
आ नचियां... ॥ दरबार...
श्रद्धा दे नाल, जो कोई वी, मां दे द्वारे आवे,
कदे ना खाली, मोड़े दाती, मुंह मांगिया वर पावे ॥
मांवां नूं एह, लाल बख्शदी, भैणां नूं मां भाई,,
हर मनशा, पूरी कर देंदी, मंसा देवी माई...
आ नचियां... ॥ दरबार...

भोले भाले, बच्चड़े मां दे, मां बच्चियां तों भौली,
पुत्त कुपुत्त ना, वेखे दाती, भरदी जावे झोली ॥
सभ ते करम, कमावे मैया, सभ दे काज संवारे,,
सभ दी विगड़ी, बन जांदी आ, आ के मां दे द्वारे...
आ नचियां... ॥ दरबार...

मां दी जोत तों, ज्योती मंगदे, चन्न सूरज ते तारे,
पापी वी जे, शरणी आवे, भव सागर तों तारे ॥
चार भुजावां, वाली मैया, करदी वारे नियारे,,
हाथ जोड़ के, आखे ममता, करदे पार उतारे...
आ नचियां... ॥ दरबार...
Aa Nachiyan Darbar Te Sangtan Aa Nachiyan - Read in English
Aa Nachiyan Darbar, Te Sangataan Aa Nachiyan ॥ Khushiyaan De Vich, Jhoohaman Saare, Vajde Dhol Nagaade, Jai Jai, Mansa Devi Maiya, Lagade Ne Jaikaare... Aa Nachiyan... ॥
Bhajan Durga Puja BhajanJagran BhajanMata Ki Chauki BhajanShukravar BhajanAshtami BhajanGupt Navratri BhajanJeen Bhawani BhajanJeen Mata BhajanRajasthani BhajanKuldevi BhajanMata Drabar BhajanMaa Durga BhajanMata BhajanNavratri BhajanMaa Sherawali Bhajan
अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे - भजन

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे, जगन्नाथ, जगन्नाथ, चका नैन, चका नैन

बाबा मेरे जगन्नाथ तेरा चर्चा हो ग्या रे - भजन

बाबा मेरे जगन्नाथ तेरा चर्चा हो ग्या रै, यो खाती का छौरा बाबा तेरा हो ग्या सै..

ମିଛ ଦୁନିଆରେ ଗୋଟିଏ ସତ - भजन

ମିଛ ଦୁନିଆରେ ଗୋଟିଏ ସତ (୨), ଜଗନ୍ନାଥ ସେ ମୋ ଜଗନ୍ନାଥ (୨)

जय जगन्नाथ हमें रहना आपके चरणों में - जगन्नाथ भजन

शुभ शुभ दिन आया शुभ घड़ी, जय जगन्नाथ से गूंजा आसमान, उसे चारों धाम का पुण्य मिला, जो करके पूर्ण तेरी परिक्रमा

जय जय जगन्नाथ जग के नाथ - जगन्नाथ भजन

जय जय जगन्नाथ जग के नाथ, हम तुम्हें भजते हैं दिन रात, जिनका न कोई तुम उनके साथ, हम तुम्हें भजते हैं दिन रात