Haanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

भोले बाबा ने पकड़ा हाथ: भजन (Bhole Baba Ne Pakda Hath)


भोले बाबा ने पकड़ा हाथ: भजन
भोले बाबा ने पकड़ा हाथ,
की रहता हर पल मेरे साथ,
अकेला मत समझो,
अकेला मत समझो ॥
जबसे इसने अपनाया है,
जीने का ढंग सिखलाया है,
मन में रहता उत्साह,
नहीं अब सुख दुःख की परवाह,
अकेला मत समझो,
अकेला मत समझो ॥

मैं जग में निर्भय घूम रहा,
इसकी मस्ती में झूम रहा,
इसने बदली तकदीर,
मिटाके हर मुश्किल गंभीर,
अकेला मत समझो,
अकेला मत समझो ॥

मिलते है इसके दीवाने,
कुछ जाने और कुछ अंजाने,
उनसे मिलता जो प्यार,
क्या देगा कोई रिश्तेदार,
अकेला मत समझो,
अकेला मत समझो ॥

ये प्यार बहुत ही करता है,
और भाव हृदय में भरता है,
‘बिन्नू’ का ये मनमीत,
झुमके गाऊं इसके गीत,
अकेला मत समझो,
अकेला मत समझो ॥

भोले बाबा ने पकड़ा हाथ,
की रहता हर पल मेरे साथ,
अकेला मत समझो,
अकेला मत समझो ॥

Bhole Baba Ne Pakda Hath in English

Bhole Baab Ne Pakada Haath, Ki Rahata Har Pal Mere Sath, Akela Mat Samjho, Akela Mat Samjho ॥
यह भी जानें

Bhajan Shiv BhajanBholenath BhajanMahadev BhajanShivaratri BhajanSavan BhajanMonday BhajanSomvar BhajanSolah Somvar BhajanJyotirling BhajanPrem Bhushan Bhajan

अन्य प्रसिद्ध भोले बाबा ने पकड़ा हाथ: भजन वीडियो

Rishav Thakur, Ayachi Thakur, Maithili Thakur

Divya Chaturvedi

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

विष्णु विष्णु तू भण रे प्राणी - भजन

विष्णु विष्णु तू भण रे प्राणी, बोल सदा शुरु मीठी वाणी। जुगती मुगति पाई रे, इण मूल मंत्र से ।

बेद की औषद खाइ कछु न करै: माँ गंगा माहात्म्य

माँ गंगा मैया का गरिमामय माहात्म्य॥ बेद की औषद खाइ कछु न करै बहु संजम री सुनि मोसें ।..

ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ - भजन

करे हाहाकार निःशब्द सदा, ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ?

चलो मन गंगा जमुना तीर - भजन

चलो मन गंगा जमुना तीर, गंगा जमुना निर्मल पानी, शीतल होत शरीर...

गंगा किनारे चले जाणा - भजन

मिटदि है मूरत, जिन्दी ये वाणी है, गंगा किनारे चले जाणा, मुड़के फिर नहीं आणा..

शिव की जटा से बरसे, गंगा की धार है: भजन

शिव की जटा से बरसे, गंगा की धार है, गंगा की धार है, महीना ये सावन का है, छाई बहार है ॥

मानो तो मैं गंगा माँ हूँ - भजन

मानो तो मैं गंगा माँ हूँ, ना मानो तो बहता पानी, जो स्वर्ग ने दी धरती को, में हूँ प्यार की वही निशानी...

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP