Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

दृष्टि हम पे दया की माँ डालो - भजन (Drashti Hum Par Daya Ki Maa Dalo)


दृष्टि हम पे दया की माँ डालो - भजन
दृष्टि हम पे दया की माँ डालो,
बडी संकट की आई घड़ी है ।
द्वार पर तेरे हम भी खड़े है,
आँखो में आँसुओ कि झड़ी है ॥
निर्बल का सहारा यही है,
रास्ता दुसरा ना कही है ।
तेरा दर्श अगर तू दिखा दे,
टूट जाये गमो की लड़ी है ॥

सारे भक्तो को तुमने है तारा,
वासता तुमसे भी है हमारा ।
तार दे माँ तेरे बालकों को,
हम पर विपदा ही ऐसी पड़ी है ॥

फरियादों की झोली अड़ी है,
फते करने को माँ तू खड़ीं है ।
ये शिवाजी को आशिष दे कर,
धन्य करदे तू सबसे बड़ी है ॥

दृष्टि हम पे दया की माँ डालो,
बडी संकट की आई घड़ी है ।
द्वार पर तेरे हम भी खड़े है,
आँखो में आँसुओ कि झड़ी है ॥
Singer: Shivaji Patil

Drashti Hum Par Daya Ki Maa Dalo in English

Drashti Hum Pe Daya Ki Maa Dalo, Badi Sankat Ki Aai Ghadi Hai । Dwar Par Tere Hum Bhi Khade Hai,
यह भी जानें

Bhajan Maa Durga BhajanMata BhajanNavratri BhajanMaa Sherawali BhajanDurga Puja BhajanMaa Durga BhajanLakha BhajanJagran BhajanMata Ki Chauki BhajanShukravar BhajanFriday Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

मेरी लगती न हरि बिन अंखियां - भजन

मेरी लगती न हरि बिन अंखियां, हे मेरी लगती न हरि बिन अंखियां।

मेरे उठे विरह में पीर - भजन

मेरे उठे विरह में पीर, सखी वृन्दावन जाउंगी, मुरली बाजे यमुना तीर, सखी वृन्दावन जाउंगी ॥

शिव स्तुति: आशुतोष शशाँक शेखर

आशुतोष शशाँक शेखर, चन्द्र मौली चिदंबरा, कोटि कोटि प्रणाम शम्भू..

तड़पता है तेरा ये दास संभालो - भजन

चले आओ, तड़पता है तेरा ये दास संभालो, मिलन की आस ना टूटे संभालो ॥

हम हाथ उठा कर कहते है हम हो गए खाटू वाले के - भजन

हम हाथ उठा कर कहते है, हम हो गए खाटू वाले के, हम शीश झुका कर कहते है, हम हो गए खाटू वाले के ॥

श्रीषङ्गोस्वाम्यष्टकम्

कृष्णोत्कीर्तन-गान-नर्तन-परौ प्रेमामृताम्भोनिधी, धीराऽधीरजन-प्रियौ प्रियकरौ निर्मत्सरौ पूजितौ ।

तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये - भजन

साँची ज्योतो वाली माता, तेरी जय जय कार। तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये।

Sawan 2026 - Sawan 2026
Sawan 2026 - Sawan 2026
Bhakti Bharat APP