Haanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ - भजन (Bhajan: Ganga Behti Ho Kiyon)


ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ - भजन
[बिस्तिर्नो पारोरे, अशंख्य जोनोरे
हाहाकार खुनिऊ निशोब्दे निरोबे
बुढ़ा लुइत तुमि, बुढ़ा लुइत बुआ कियो? ] - असमिया में
विस्तार है आपार, प्रजा दोनों पार
करे हाहाकार निःशब्द सदा
ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ?

विस्तार है आपार, प्रजा दोनों पार
करे हाहाकार निःशब्द सदा
ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ?

नैतिकता नष्ट हुई, मानवता भ्रष्ट हुई
निर्लज्ज भाव से बहती हो क्यूँ ?
इतिहास की पुकार, करे हुंकार
ओ गंगा की धार, निर्बल जन को
सबल-संग्रामी, समग्रोगामी
बनाती नहीं हो क्यूँ ?
॥ विस्तार है अपार, प्रजा दोनों पार..॥

अनपढ़ जन, अक्षरहिन
अनगीन जन, खाद्यविहीन
नेत्रविहीन दिक्षमौन हो क्यूँ ?

इतिहास की पुकार, करे हुंकार
ओ गंगा की धार, निर्बल जन को
सबल-संग्रामी, समग्रोगामी
बनाती नहीं हो क्यूँ ?
॥ विस्तार है अपार, प्रजा दोनों पार..॥

व्यक्ति रहे व्यक्ति केंद्रित
सकल समाज व्यक्तित्व रहित
निष्प्राण समाज को छोड़ती न क्यूँ ?

इतिहास की पुकार, करे हुंकार
ओ गंगा की धार, निर्बल जन को
सबल-संग्रामी, समग्रोगामी
बनाती नहीं हो क्यूँ ?
॥ विस्तार है अपार, प्रजा दोनों पार..॥

रुदस्विनी क्यूँ न रहीं ?
तुम निश्चय चितन नहीं
प्राणों में प्रेरणा देती न क्यूँ ?
उनमद अवमी कुरुक्षेत्रग्रमी
गंगे जननी, नव भारत में
भीष्मरूपी सुतसमरजयी जनती नहीं हो क्यूँ ?
॥ विस्तार है अपार, प्रजा दोनों पार..॥

विस्तार है अपार, प्रजा दोनों पार
करे हाहाकार, निःशब्द सदा
ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ?

ओ गंगा तुम, ओ गंगा तुम
गंगा तुम, ओ गंगा तुम
गंगा… बहती हो क्यूँ ?

-भूपेन हजारिका

Bhajan: Ganga Behti Ho Kiyon in English

Kare Hahakar, Nihshabd Sada O Ganga Tum, Ganga Bahati Ho Kyun?
यह भी जानें

Bhajan Maa Ganga BhajanShri Ganga BhajanGanga Dussehra BhajanGanga Snaan BhajanGanga Saptami BhajanBhupen Hazarika BhajanBharat Ratna Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

कृपा की न होती जो, आदत तुम्हारी - भजन

कृपा की न होती जो, आदत तुम्हारी, तो सूनी ही रहती, अदालत तुम्हारी

प्रभु के चरणों से सच्चा प्यार: भजन

रावण ने राम से बैर किया उसे अब भी जलाया जाता है, बन भक्त विभीषण शरण गए घर बार उसी का हो जाए, प्रभु के चरणों से गर सच्चा प्यार किसी को हो जाये ॥

जिसको जीवन में मिला सत्संग है: भजन

जिसके जीवन मैं मिला सत्संग हैं, उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है। जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं...

मेरे राम अयोध्या आए: भजन

उत्सव भारी सभी मनाओ री, मेरे राम अयोध्या आए, मेरे राम अयोध्या आए, प्रभु राम अपने घर आए ॥

राम भजन - श्री रामजी पधारे

रामजी पधारे , श्री रामजी पधारे, हे ! देखो अवध नगरीय में रामजी पधारे

डोंट वरी मईया है पास खड़ी

अब तो, तुम ना, घबराओ, मईया जी के, गुण गाओ । हर संकट, मिट जाएगा, एक बार, मिलकर गाओ ॥ डोंट वरी, मईया है, पास खड़ी x॥-॥

जय गणेश गणनाथ दयानिधि - भजन

जय गणेश गणनाथ दयानिधि, सकल विघन कर दूर हमारे, प्रथम धरे जो ध्यान तुम्हारो..

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP