गणेशोत्सव - Ganeshotsav
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

कौन कहते है गणराज आते नहीं: श्री गणेश भजन (Kaun Kehte Hai Ganaraj Aate Nahi)


कौन कहते है गणराज आते नहीं: श्री गणेश भजन
हे गजाजन गणेशा गौरी सुतम,
एकदंतम सदा मंगलम कारकम ॥
कौन कहते है गणराज आते नहीं,
हम तो प्रेम से उनको बुलाते नहीं,
हे गजाजन गणेशा गौरी सुतम,
एकदंतम सदा मंगलम कारकम ॥

कौन कहते है गणराज नाचते नहीं,
गणेश भक्तों के जैसे नचाते नहीं,
हे गजाजन गणेशा गौरी सुतम,
एकदंतम सदा मंगलम कारकम ॥

कौन कहते है गणराज खाते नहीं,
भाव से उनको मोदक खिलाते नहीं,
हे गजाजन गणेशा गौरी सुतम,
एकदंतम सदा मंगलम कारकम ॥
BhaktiBharat Lyrics

देखो "आशु" बना बावला प्यार में,
बैठा गणपत के चरणों में सत्कार में,
भावना ऐसी तुम क्यों दिखाते नहीं,
तुम तो प्रेम से उनको बुलाते नहीं ॥

Kaun Kehte Hai Ganaraj Aate Nahi in English

Hey Gajajan Ganesha Gauri Sutam, Ekadantam Sada Mangalam Karakam ॥
यह भी जानें

Bhajan Shri Ganesh BhajanShri Vinayak BhajanGanpati BhajanGanpati Bappa BhajanGaneshotsav BhajanChaturthi BhajanGanesh Chaturthi BhajanRajasthani BhajanGrah Pravesh Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

घर में पधारो गजानन जी - भजन

घर में पधारो गजाननजी, मेरे घर में पधारो, ग्रह प्रवेश के समय गाए जाने वाला पॉपुलर श्री गणेश भजन...

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं - भजन

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम । कौन कहता हे भगवान आते नहीं..

रामायण मनका 108 - नामवली

भीड़ पड़ी जब भक्त पुकारे । दूर करो प्रभु दु:ख हमारे ॥ दशरथ के घर जन्मे राम ...

गोपी गीत - जयति तेऽधिकं जन्मना

जयति तेऽधिकं जन्मना व्रजः श्रयत इन्दिरा शश्वदत्र हि । दयित दृश्यतां दिक्षु तावका स्त्वयि धृतासवस्त्वां विचिन्वते ॥

गणेश भजन

श्री गणेश मंदिर, विनायक मंदिर, गणेशोत्सव, गणेश चतुर्थी, शुभ मुहूर्त, शुभ कार्य एवं ग्रह प्रवेश मे गाए जाने वाले प्रसिद्ध श्री गणेश भजन..

गणपति की सेवा मंगल मेवा

गणपति की सेवा मंगल मेवा,सेवा से सब विघ्न टरैं। तीन लोक के सकल देवता,द्वार खड़े नित अर्ज करैं॥

आज सजे हैं मेरे घर के द्वारे आज विनायक मेरे आँगन पधारे - भजन

आज सजे हैं मेरे घर के द्वारे, आज विनायक मेरे आँगन पधारे, स्वागत तुम्हारा हे गणराजा, जागे हैं भाग हमारे

Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Bhakti Bharat APP