विवाह पंचमी | आज का भजन!

भजन: कोई लाख करे चतुरायी (Koi Lakh Kare Chaturayi )


कोई लाख करे चतुरायी,
करम का लेख मिटे ना रे भाई,
करम का लेख मिटे ना रे भाई ॥
जरा समझो इसकी सच्चाई रे,
करम का लेख मिटे ना रे भाई ॥

इस दुनिया में,
भाग्य के आगे,
चले ना किसी का उपाय,
कागद हो तो,
सब कोई बांचे,
करम ना बांचा जाए,
इस दिन इसी,
किस्मत के कारण,
वन को गए थे रघुराई रे,
करम का लेख मिटे ना रे भाई ॥

कोई लाख करे चतुरायी,
करम का लेख मिटे ना रे भाई,
करम का लेख मिटे ना रे भाई ॥

काहे मनवा धीरज खोता,
काहे तू नाहक रोए,
अपना सोचा कभी ना होता,
भाग्य करे तो होए,
चाहे हो राजा चाहे भिखारी,
ठोकर सभी ने यहाँ खायी रे,
करम का लेख मिटे ना रे भाई ॥

कोई लाख करे चतुरायी,
करम का लेख मिटे ना रे भाई,
करम का लेख मिटे ना रे भाई ॥

यह भी जानें

BhajanInspirational BhajanVed BhajanArya Samaj BhajanPradeep Bhajan


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

भजन : गुरु मेरी पूजा, गुरु गोबिंद, गुरु मेरा पारब्रह्म!

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद, गुरु मेरा पारब्रह्म, गुरु भगवंत, गुरु मेरा देव अलख अभेव...

भजन: द्वार पे गुरुदेव के हम आगए

द्वार पे गुरुदेव के हम आ गए । ज्योति में दर्शन गुरु का पा गए ॥ देखलो हमको भला दर्शन हुआ । प्रेम हिरदे में मगन प्रसन्न हुआ...

हे मेरे गुरुदेव करुणा सिन्धु करुणा कीजिये!

हे मेरे गुरुदेव करुणा सिन्धु करुणा कीजिये। हूँ अधम आधीन अशरण, अब शरण में लीजिये ॥

गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना।

मैं शरण पड़ा तेरी चरणों में जगह देना, गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना।

दर्शन देता जाइजो जी...

दर्शन देता जाइजो जी, सतगुरु मिलता जाइजो जी। म्हारे पिवरिया री बातां थोड़ी म्हने...

भजन: अयोध्या करती है आव्हान..

अयोध्या करती है आव्हान, ठाट से कर मंदिर निर्माण, शीला की जगह लगा दे प्राण, बिठा दे वहां राम भगवान...

भजन: गौरी के नंदा गजानन, गौरी के नन्दा

गौरी के नंदा गजानन, गौरी के नन्दा, म्हने बुद्धि दीजो गणराज गजानन, गौरी के नन्दा ॥

छठ पूजा: कांच ही बांस के बहंगिया

कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय, होई ना बलम जी कहरिया, बहंगी घाटे पहुंचाय...

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला।

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला, कौसल्या हितकारी । हरषित महतारी, मुनि मन हारी, अद्भुत रूप बिचारी ॥ लोचन अभिरामा, तनु घनस्यामा...

भजन: वैष्णव जन तो तेने कहिये, जे...

वैष्णव जन तो तेने कहिये, जे पीड परायी जाणे रे। पर दुःखे उपकार करे तो ये, मन अभिमान न आणे रे...

top