विवाह पंचमी | आज का भजन!

भजन: मेरी आखिओं के सामने ही रहना!


मेरी आखिओं के सामने ही रहना,
माँ शेरों वाली जगदम्बे ।

हम तो चाकर मैया,
तेरे दरबार के,
भूखे हैं हम तो मैया,
बस तेरे प्यार के॥

विनती हमारी भी,
अब करो मंज़ूर माँ,
चरणों से हमको कभी,
करना ना दूर माँ ॥

मुझे जान के अपना बालक,
सब भूल तू मेरी भुला देना,
शेरों वाली जगदम्बे,
आँचल में मुझे छिपा लेना ॥
॥ मेरी आखिओं के सामने...॥

तुम हो शिव जी की शक्ति,
मैया शेरों वाली ।
तुम हो दुर्गा हो अम्बे,
मैया तुम हो काली॥
बन के अमृत की धार सदा बहना,
ओ शेरों वाली जगदम्बे ॥
॥ मेरी आखिओं के सामने...॥

तेरे बालक को कभी माँ सबर आए,
जहाँ देखूं माँ तू ही तू नज़र आये ।
मुझे इसके सिवा कुछ ना कहना,
ओ शेरों वाली जगदम्बे ॥
॥ मेरी आखिओं के सामने...॥

देदो शर्मा को भक्ति का,
दान मैया जी,
लक्खा गाता रहे,
तेरा गुणगान मैया जी ।
है भजन तेरा,
भक्तो का गहना,
ओ शेरों वाली जगदम्बे ॥

मेरी आखिओं के सामने ही रहना,
माँ शेरों वाली जगदम्बे ।

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