Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

मेरो कान्हा गुलाब को फूल - भजन (Mero Kanha Gulab Ko Phool)


मेरो कान्हा गुलाब को फूल - भजन
मेरो कान्हा गुलाब को फूल,
किशोरी मेरी कुसुम कली ॥
मेरो कान्हा गुलाब को फूल,
किशोरी मेरी कुसुम कली ॥
कान्हा मेरो नन्द जू को छौना
राधे मेरी बृषभानु लली
किशोरी मेरी कुसुम कली ।

मेरो कान्हा गुलाब को फूल,
किशोरी मेरी कुसुम कली ॥

कान्हा मांगे माखन लौना
राधे भावे मिश्री की डली
किशोरी मेरी कुसुम कली ।

मेरो कान्हा गुलाब को फूल,
किशोरी मेरी कुसुम कली ॥

कान्हा खेले नन्द जो के अंगना
राधे खेले रंगीली गली
किशोरी मेरी कुसुम कली ।

मेरो कान्हा गुलाब को फूल,
किशोरी मेरी कुसुम कली ॥

ब्रिज निधि दर्शन की प्यासी
वो तो भटके गली गली
किशोरी मेरी कुसुम कली ।

मेरो कान्हा गुलाब को फूल,
किशोरी मेरी कुसुम कली ॥

Mero Kanha Gulab Ko Phool in English

Mero Kanha Gulab Ko Phool, Kishori Meri Kusum Kali ॥ Kanha Mero Nand Ju Ko Chhauna
यह भी जानें

Bhajan Shri Krishna BhajanBrij BhajanBaal Krishna BhajanBhagwat BhajanJanmashtami BhajanLaddu Gopal BhajanRadhashtami BhajanMridul Shastri Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

हे कृष्ण गोपाल हरि हे दीन दयाल हरि: भजन

हे कृष्ण गोपाल हरि, हे दीन दयाल हरि, हे कृष्ण गोपाल हरी, हे दीन दयाल हरि, हे कृष्ण गोपाल हरी, हे दीन दयाल हरि ॥

हरी दर्शन की प्यासी अखियाँ - भजन

हरी दर्शन की प्यासी अखियाँ, अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी ॥ देखियो चाहत कमल नैन को..

तेरे कितने है मुझपे एहसान, हर घडी़ मैं जपूँ तेरा नाम: भजन

तेरे कितने है मुझपे एहसान, हर घडी़ मैं जपूँ तेरा नाम, श्याम श्याम श्याम बाबा, श्याम श्याम श्याम ॥

मोहे मुरली बना लेना: भजन

कान्हा मेरी सांसो पे, नाम अपना लिखा लेना, फिर जो जन्म लूँ मैं, मोहे मुरली बना लेना, कान्हा मेरी सांसो पे, नाम अपना लिखा लेना ॥


भजन: सांवरे को दिल में बसा के तो देखो

सांवरे को दिल में बसा के तो देखो, दुनिया से मन को हटा के देखो...

जिन्हां दे शंकर हों सहाई - भजन

जेहड़े, शिव मंदिर विच आवंदे, शंकर, जी दा नाम ध्यावंदे ॥

सारे जग में विराजे रे, मेरे शिव भोले - भजन

सारे जग में विराजे रे, मेरे शिव भोले, ज्योतिर्लिंग बनके साजे रे, मेरे शिव भोले, सारें जग में विराजे रे, मेरे शिव भोले ॥

Om Jai Jagdish Hare Aarti - Om Jai Jagdish Hare Aarti
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP