close this ads

भजन: सुबह सुबह ले शिव का नाम


सुबह सुबह ले शिव का नाम, कर ले बन्दे यह शुभ काम।
सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव आयेंगे तेरे काम॥
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय...

खुद को राख लपेटे फिरते, औरों को देते धन धाम।
देवो के हित विष पी डाला, नीलकंठ को कोटि प्रणाम॥
॥ सुबह सुबह ले शिव...॥

शिव के चरणों में मिलते है, सारी तीरथ चारो धाम।
करनी का सुख तेरे हाथों, शिव के हाथों में परिणाम॥
॥ सुबह सुबह ले शिव...॥

शिव के रहते कैसी चिंता, साथ रहे प्रभु आठों याम।
शिव को भजले सुख पायेगा, मन को आएगा आराम॥
॥ सुबह सुबह ले शिव...॥

सुबह सुबह ले शिव का नाम, कर ले बन्दे यह शुभ काम।
सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव आयेंगे तेरे काम॥

Read Also:
» कब, कैसे, कहाँ मनाएँ शिवरात्रि? | द्वादश(12) शिव ज्योतिर्लिंग!
» दिल्ली और आस-पास के प्रसिद्ध शिव मंदिर - Famous Shiv Mandir of Delhi NCR
» दिल्ली और आस-पास के मंदिरों मे शिवरात्रि की धूम-धाम - Temple celebrates Shivratri in Delhi NCR
» आरती: श्री शिव, शंकर, भोलेनाथ | चालीसा: श्री शिव जी | भजन: शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें साझा जरूर करें: यहाँ साझा करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

भजन: कभी राम बनके, कभी श्याम बनके!

कभी राम बनके कभी श्याम बनके, चले आना प्रभुजी चले आना...

राम नाम लड्डू, गोपाल नाम घी..

राम नाम लड्डू, गोपाल नाम घी। हरि नाम मिश्री, तू घोल-घोल पी ॥

राम सीता और लखन वन जा रहे!

श्री राम भजन वीडियो: राम सीता और लखन वन जा रहे, हाय अयोध्या में अँधेरे छा रहे...

घर आये राम लखन और सीता..

घर आये राम लखन और सीता, अयोध्या सुन्दर सज गई रे, सुन्दर सज गई रे अयोध्या...

राम को देख कर के जनक नंदिनी, और सखी संवाद!

राम को देख कर के जनक नंदिनी, बाग में वो खड़ी की खड़ी रह गयी। थे जनक पुर गये देखने के लिए...

राम को देख कर के जनक नंदिनी

राम को देख कर के जनक नंदिनी, बाग में वो खड़ी की खड़ी रह गयी। यज्ञ रक्षा में जा कर के मुनिवर के संग...

बोलो राम! मन में राम बसा ले।

बोलो राम जय जय राम, जन्म सफल होगा बन्दे, मन में राम बसा ले...

भजन: श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में!

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में, देख लो मेरे मन के नागिनें में।

जय रघुनन्दन, जय सिया राम।

जय रघुनन्दन, जय सिया राम। भजमन प्यारे, जय सिया राम।

मुझे अपनी शरण में ले लो राम!

मुझे अपनी शरण में ले लो राम, ले लो राम! लोचन मन में जगह न हो तो...

^
top