पितृ पक्ष - Pitru Paksha
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

वृंदावन जाने को जी चाहता है - भजन (Vrindavan Jane Ko Jee Chahta Hai)


वृंदावन जाने को जी चाहता है - भजन
वृंदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है ।

वृदावन मेरे बांके बिहारी,
बांके बिहारी की लीला है न्यारी,
ये नैना लड़ाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
वृदावन जाने को जी चाहता है ।
वृंदावन में यमुना किनारा
मेरा डुबकी लगाने को जी चाहता है
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
वृदावन जाने को जी चाहता है ।

वृंदावन में निधिवान है प्यारा
मेरा रास रचाने को जी चाहता है
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
वृदावन जाने को जी चाहता है ।

वृदावन में संत बहुत है,
वृदावन में भगत बहुत है,
संत बहुत है रसिक बहुत है,
शीश झुकाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
वृदावन जाने को जी चाहता है ।

वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,

Vrindavan Jane Ko Jee Chahta Hai in English

Vrindavan Jaane Ko Jee Chahtaa Hai, Raadhe Radhe Gaane Ko Jee Chahtaa Hai, Vrindavan Mere Baanke Bihaaree..
यह भी जानें

Bhajan Shri Krishna BhajanBhrij BhajanBal Krishna BhajanLaddu Gopal BhajanBhagwat BhajanJanmashtami BhajanShri Shyam BhajanIskcon BhajanPhagun Mela BhajanRadhashtami BhajanVrindavan BhajanSarojini Ghosh Bhajan

अन्य प्रसिद्ध वृंदावन जाने को जी चाहता है - भजन वीडियो

स्वामी श्री राजेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज

श्री चित्र विचित्र जी

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

नवीनतम भजन ›

ॐ शंकर शिव भोले उमापति महादेव - भजन

ॐ शंकर शिव भोले उमापति महादेव, पालनहार परमेश्वर, विश्वरूप महादेव, महादेव, महादेव...

कितना रोई पार्वती, शिवनाथ के लिए - भजन

कितना रोई पार्वती, शिवनाथ के लिए, मैं तो प्राण भी तज दूंगी, भोलेनाथ के लिए, सबने कितना समझाया, पर ना मानी महामाया ॥

शिव पार्वती ने तुम्हे, वरदान दे दिया: भजन

कलयुग में भव से पार, चाहो भक्तो जो जाना, गौरी गजाननन को सदा, मन से ही ध्याना, भक्तो के मन में तुमने, अपना स्थान कर दिया,
श्री गणेश ये कलयुग, तुम्हारे नाम कर दिया ॥

शीश गंग अर्धंग पार्वती - भजन

शीश गंग अर्धंग पार्वती सदा विराजत कैलासी। नंदी भृंगी नृत्य करत हैं, धरत ध्यान सुर सुखरासी॥

मैं भोला पर्वत का - शिव भजन

मैं भोला पर्वत का, रै तू राणी महला की, तेरी मेरी पार पड़ै ना, बेशक लिखी पहला की..

पार्वती बोली शंकर से - भजन

पार्वती बोली शंकर से, सुनिये भोलेनाथ जी, रहना है हर इक जन्म में, मुझे तुम्हारे साथ जी

हर हर शंभू - शिव भजन

हर हर शंभू (शंभू) शंभू (शंभू) शिव महादेवा, शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेव, हर हर शंभू (शंभू) शंभू (शंभू) शिव महादेवा...

Navratri Specials 2026 - Navratri Specials 2026
Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Bhakti Bharat APP