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पद्मनाभ तीर्थ (Padmanabha Tirtha)


भक्तमाल: पद्मनाभ तीर्थ
असली नाम - शोभना भट्टा
अन्य नाम - श्री पद्मनाभ तीर्थरु
गुरु - माधवाचार्य
शिष्य - श्री नरहरि तीर्थरु
आराध्य - भगवान विष्णु
जन्म तिथि - ई. 1199-1278 (कार्तिक बहुला चतुर्दशी)
जन्म स्थान - पुन्तम्बा
वैवाहिक स्थिति - अविवाहित
भाषा – संस्कृत
प्रसिद्ध - दार्शनिक, अद्वैत विद्वान
श्री पद्मनाभ तीर्थ एक प्रतिष्ठित विद्वान थे और उस समय के लोगों द्वारा उन्हें 'श्री माधवाचार्य के शिष्य' के रूप में पहचाना और सम्मानित किया जाता था। वह एक प्रसिद्ध अद्वैत विद्वान, कुशल तर्कशास्त्री और वेद, महाभारत और पुराणों में गहरी आस्था रखने वाले व्यक्ति थे।

वह एक प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित विद्वान थे, लेकिन सीखने की चौदह शाखाओं में उनकी दक्षता को माधवाचार्य ने चौदह सेकंड में चुप करा दिया जब वे 1265 ई. में मिले। श्री पद्मनाभ तीर्थ ने माधवाचार्य से दीक्षा और संन्यास ले लिया और जल्द ही उनके सबसे भरोसेमंद शिष्यों में से एक बन गए।

वह एक प्रसिद्ध अद्वैत विद्वान, कुशल तर्कशास्त्री और वेद, महाभारत और पुराणों में गहरी आस्था रखने वाले व्यक्ति थे। ऐसा कहा जाता है कि वह गोदावरी नदी के करीब के क्षेत्र से थे। एक प्रसिद्ध बहस में श्री माधवाचार्य से पराजित होने से पहले उन्होंने कई बहसें जीतीं और दर्शन की सभी प्रचलित प्रणालियों का खंडन किया। पद्मनाभ तीर्थ ने 1324 ई. में पवित्र तुंगभद्रा नदी पर नव-वृंदावन में इस दुनिया को छोड़ दिया।

Padmanabha Tirtha in English

Padmanabha Tirtha was a renowned Advaita scholar, skilled logician and a deep believer in the Vedas, Mahabharata and Puranas.
यह भी जानें

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