Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

करवा चौथ व्रत कथा: पतिव्रता करवा धोबिन की कथा! (Karwa Chauth Vrat Katha 3)


Add To Favorites Change Font Size
पतिव्रता करवा धोबिन की कथा:
[/b]श्री गणेशाय नमः! | करवा चौथ श्री गणेश मंत्र
पुराणों के अनुसार करवा नाम की एक पतिव्रता धोबिन अपने पति के साथ तुंगभद्रा नदी के किनारे स्थित गांव में रहती थी। उसका पति बूढ़ा और निर्बल था। एक दिन जब वह नदी के किनारे कपड़े धो रहा था तभी अचानक एक मगरमच्छ वहां आया, और धोबी के पैर अपने दांतों में दबाकर यमलोक की ओर ले जाने लगा। वृद्ध पति यह देख घबराया और जब उससे कुछ कहते नहीं बना तो वह करवा..! करवा..! कहकर अपनी पत्नी को पुकारने लगा।
पति की पुकार सुनकर धोबिन करवा वहां पहुंची, तो मगरमच्छ उसके पति को यमलोक पहुंचाने ही वाला था। तब करवा ने मगर को कच्चे धागे से बांध दिया और मगरमच्छ को लेकर यमराज के द्वार पहुंची।

उसने यमराज से अपने पति की रक्षा करने की गुहार लगाई और बोली- हे भगवन्! मगरमच्छ ने मेरे पति के पैर पकड़ लिए है। आप मगरमच्छ को इस अपराध के दंड-स्वरूप नरक भेज दें।

करवा की पुकार सुन यमराज ने कहा- अभी मगर की आयु शेष है, मैं उसे अभी यमलोक नहीं भेज सकता। इस पर करवा ने कहा- अगर आपने मेरे पति को बचाने में मेरी सहायता नहीं कि तो मैं आपको श्राप दूंगी और नष्ट कर दूंगी।

करवा का साहस देख यमराज भी डर गए और मगर को यमपुरी भेज दिया। साथ ही करवा के पति को दीर्घायु होने का वरदान दिया।

तब से कार्तिक कृष्ण की चतुर्थी को करवा चौथ व्रत का प्रचलन में आया। जिसे इस आधुनिक युग में भी महिलाएं अपने पूरी भक्ति भाव के साथ करती है और भगवान से अपनी पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं।

करवा चौथ व्रत की अन्य कथाएँ: साहूकार के सात लड़के, एक लड़की की कहानी | द्रौपदी को श्री कृष्ण ने सुनाई कथा
यह भी जानें

Katha Karwa Chauth KathaKarwa Mata KathaKarwa Chauth Kahani Katha

अगर आपको यह कथाएँ पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस कथाएँ को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

कथाएँ ›

सोलह सोमवार व्रत कथा

भक्तों की मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली यह पवित्र व्रत सोलह सोमवार व्रत कथा भक्ति भारत के द्वारा आप तक पहुंचाई जा रही है। एक समय की बात है देवों के देव भगवान महादेवजी, पार्वती के साथ भ्रमण करते हुए मृत्युलोक में अमरावती नगरी में आए।

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 8

नारदजी बोले – अब मैं कार्तिक व्रत के उद्यापन का वर्णन करता हूँ जो सब पापों का नाश करने वाला है। व्रत का पालन करने वाला मनुष्य

रमा एकादशी व्रत कथा

कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष मे दीपावली के चार दिन पहले आने वाली इस एकादशी को लक्ष्मी जी के नाम पर रमा एकादशी कहा जाता है। इसे पुण्यदायिनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।

सोमवार व्रत कथा

किसी नगर में एक धनी व्यापारी रहता था। दूर-दूर तक उसका व्यापार फैला हुआ था। नगर के सभी लोग उस व्यापारी का सम्मान करते थे..

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 9

तब भगवान शंकर गुरु बृहस्पति से बोले: मैं तुम्हारी स्तुति से अत्यन्त प्रसन्न हूँ। तुमने इन्द्र को जीवनदान दिलवाया है।

अहोई अष्टमी व्रत कथा

श्री गणेशाय नमः, प्राचीन काल में किसी नगर में एक साहूकार रहता था। उसके सात लड़के थे।

अहोई अष्टमी और राधाकुण्ड से जुड़ी कथा

बहुत समय पहले झाँसी के निकट एक नगर में चन्द्रभान नामक साहूकार रहता था। उसकी पत्नी चन्द्रिका बहुत सुंदर, सर्वगुण सम्पन्न, सती साध्वी, शिलवन्त चरित्रवान...

Shiv Bhajan - Shiv Bhajan
Shri Krishna Bhajan - Shri Krishna Bhajan
Bhakti Bharat APP