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श्री घंटाकर्ण महावीर स्तोत्र (Shri Ghantakarna Mahavir Stotra)


श्री घंटाकर्ण महावीर स्तोत्र
॥ श्री घंटाकर्ण महावीर स्तोत्रम् ॥
ॐ घंटाकर्णो महावीरः सर्वव्याधि-विनाशकः।
विस्फोटक-भयं प्राप्ते, रक्ष-रक्ष महाबलः ॥१॥

यत्र त्वं तिष्ठसे देव! लिखितोऽक्षर-पंक्तिभिः।
रोगास्तत्र प्रणश्यन्ति, वात-पित्त-कफोद्भवाः ॥२॥
भक्तिभारत लिरिक्स

तत्र राजभयं नास्ति, यान्ति कर्णे जपात् क्षयम्।
शाकिनी-भूत-वेताला, राक्षसाः प्रभवन्ति नो ॥३॥

नाकाले मरणं तस्य, न च सर्पेण दृश्यते।
अग्नि-चौर-भयं नास्ति, नास्ति तस्याप्यरि-भयम् ॥४॥

ॐ ह्वीं महावीर नमोऽस्तु ते।
ठः ठः ठः स्वाहा॥

Shri Ghantakarna Mahavir Stotra in English

Om Ghantakarno Mahavīrah Sarva-Vyādhi-Vināshakah, Visphoṭaka-Bhayaṁ Prāpte, Raksha-Raksha Mahābalah. ॥1॥
यह भी जानें

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