पौष बड़ा उत्सव | आज का भजन!

भजन: राम ना मिलेगे हनुमान के बिना (Bhajan: Ram Na Milege Hanuman Ke Bina)


श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा, हनुमान जन्मोत्सव, मंगलवार व्रत, शनिवार पूजा, बूढ़े मंगलवार और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से गाये जाने वाला भजन।

पार ना लगोगे श्री राम के बिना,
राम ना मिलेगे हनुमान के बिना।
राम ना मिलेगे हनुमान के बिना,
श्री राम ना मिलेंगे हनुमान के बिना।

वेदो ने पुराणो ने कह डाला,
राम जी का साथी बजरंग बाला।
जीये हनुमान नही राम के बिना,
राम भी रहे ना हनुमान के बिना।

जग के जो पालन हारे है,
उन्हे हनुमान बड़े प्यारे है।
कर लो सिफ़ारिश दाम के बिना,
रास्ता ना मिलेगा हनुमान के बिना।

जिनका भरोसा वीर हनुमान,
उनका बिगड़ता नही कोई काम।
लक्खा कहे सुनो हनुमान के बिना,
कुछ ना मिलेगा गुणगान के बिना।

Bhajan: Ram Na Milege Hanuman Ke Bina in English

Paar Na Lagoge Shri Ram Ke Bina, Ram Na Milege Hanuman Ke Bina। Ram Na Milenge ...
यह भी जानें

BhajanShri Hanuman BhajanBajrangbali BhajanHanuman Jayanti BhajanBalaji Bhajan


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

भजन: तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार..

राम नाम सोहि जानिये, जो रमता सकल जहान, घट घट में जो रम रहा, उसको राम पहचान, तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार..

भजन: बिनती सुनिए नाथ हमारी...

बिनती सुनिए नाथ हमारी, हृदयष्वर हरी हृदय बिहारी, हृदयष्वर हरी हृदय बिहारी, मोर मुकुट पीतांबर धारी..

भजन: बृन्दावन का कृष्ण कन्हैया

बृन्दावन का कृष्ण कन्हैया, सब की आँखों का तारा, मन ही मन क्यों जले राधिका, मोहन तो है सब का प्यारा...

भजन: हर बात को भूलो मगर..

हर बात को भूलो मगर, माँ बाप मत भूलना, उपकार इनके लाखों है, इस बात को मत भूलना ॥ धरती पर देवो को पूजा..

भजन: चौसठ जोगणी रे भवानी

चौसठ जोगणी रे भवानी, देवलिये रमजाय, घूमर घालणि रे भवानी, देवलिये रमजाय ॥ देवलिये रमजाय म्हारे, आंगणिये रमजाय..

भजन: राधे कृष्ण की ज्योति अलोकिक

राधे कृष्ण की ज्योति अलोकिक, तीनों लोक में छाये रही है। भक्ति विवश एक प्रेम पुजारिन...

भजन: मुकुन्द माधव गोविन्द बोल।

मुकुन्द माधव गोविन्द बोल। केशव माधव हरि हरि बोल॥

भजन: सावन की बरसे बदरिया...

सावन की बरसे बदरिया, माँ की भीगी चुनरीया, भीगी चुनरिया माँ की...

भजन: राम का सुमिरन किया करो!

राम का सुमिरन किया करो, प्रभु के सहारे जिया करो, जो दुनिया का मालिक है, नाम उसी का लिया करो..

भजन: तुम रूठे रहो मोहन

तुम रूठे रहो मोहन, हम तुम्हे मना लेंगे, आहों मे असर होगा, घर बैठे बुला लेंगे..

top