Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

कारण षटकम् (Kaaran Shatakam)


कारण षटकम्
मम जीवनस्य जीवनम्
उद्भाषितं नित्यशोभनम्
त्वमेव देवं त्वमेव सर्वम्
हृदि स्थिते सदा धारणम्
हे कृष्ण हे माधव हे देव त्वम्
सर्व कारणस्य कारणम् ॥ १॥
मम हृदयस्य हृदयम्
सत्भाषितं नित्य सदयम्
त्वमेव पूर्णं त्वमेव स्वर्णम्
प्रेमम् आनंदं अद्भुदयम्
हे कृष्ण हे माधव हे देव त्वम्
सर्व कारणस्य कारणम् ॥ २ ॥

मम विचारस्य विचारम्
सद्भाव हॄद्भाव संचारम्
त्वमेव सत्यं त्वमेव नित्यम्
स्मृति ज्ञानं सर्व आधारम्
हे कृष्ण हे माधव हे देव त्वम्
सर्व कारणस्य कारणम् ॥ ३ ॥

मम शरीरस्य आधारम्
त्वमेक नित्य निराधारम्
त्वमेव धर्मं त्वमेव कर्मम्
सर्वसूत्रस्य सूत्रधारम्
हे कृष्ण हे माधव हे देव त्वम्
सर्व कारणस्य कारणम् ॥ ४ ॥

मम सर्व सुख दायकम्
नित्यसुधा वेणु गायकम्
त्वमेव कर्ता त्वमेव धर्ता
माता पिता आत्मनायकम्
हे कृष्ण हे माधव हे देव त्वम्
सर्व कारणस्य कारणम् ॥ ५ ॥

मम दिव्य नन्दनंदनम्
आनंदकंद सुचंदनम्
त्वमेव स्वामी हे अन्तर्यामी
सर्व हॄदयस्य स्पंदनम्
हे कृष्ण हे माधव हे देव त्वम्
सर्व कारणस्य कारणम् ॥ ६ ॥

॥ इति श्री कृष्णदासः विरचित कारण षटकम् सम्पूर्णम् ॥

Kaaran Shatakam in English

Mama Jeevanasya Jeevanam Udbhaashitam Nityashobhanam, Tvameva Devam’ Tvameva Sarvam, Hrudi Sthite Sadaa Dhaaranam, Hey Krishna Hey Madhava Hey Deva Tvam, Sarva Kaaranasya Kaaranam ॥ 1॥
यह भी जानें

Mantra Kaaran Shatakam MantraKrishna Mantra MantraShri Krishna MantraBaal Krishna MantraBhagwat MantraJanmashtami MantraLaddu Gopal MantraRadhashtami MantraPhalguna MantraIskcon MantraShri Shyam MantraKrishna Bhajan Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम्

निशुम्भ शुम्भ गर्जनी, प्रचण्ड मुण्ड खण्डिनी । बनेरणे प्रकाशिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी ॥ त्रिशूल मुण्ड धारिणी..

महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् - अयि गिरिनन्दिनि

अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते, गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते । महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् नवरात्रि के दौरान माता रानी का सबसे ज्यादा सुना और पढ़ा जाने वाला संस्कृत श्लोक है

श्री दुर्गा देवी स्तोत्रम्

श्री युधिष्ठिर विरचितं | श्रीगणेशाय नमः । श्री दुर्गायै नमः । नगरांत प्रवेशले पंडुनंदन । तो देखिले दुर्गास्थान । धर्मराज करी स्तवन । जगदंबेचे तेधवा ॥

श्री विष्णु स्तुति - शान्ताकारं भुजंगशयनं

शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम् ।

विष्णु सहस्रनाम: M.S.Subbulakshmi

भगवान श्री विष्णु के 1000 नाम! विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता...

नारायणीयम् श्लोक

अस्मिन् परात्मन् ननु पाद्मकल्पे, त्वमित्थमुत्थापितपद्मयोनि: ।

श्री तुलसी स्तोत्रम्‌

जगद्धात्रि नमस्तुभ्यं विष्णोश्च प्रियवल्लभे । यतो ब्रह्मादयो देवाः सृष्टिस्थित्यन्तकारिणः..

Durga Chalisa - Durga Chalisa
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP