गणेशोत्सव - Ganeshotsav
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय - हनुमान मंत्र (Om Namo Hanumate Rudravtaraya - Hanuman Mantra)


ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय - हनुमान मंत्र
ॐ नमो हनुमते
रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय ।
सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय
रामदूताय स्वाहा ॥
मंत्र का अर्थ:
हे प्रभु हनुमान आप भगवान शिव के रूद्र अवतार एवं भगवान राम के दूत हैं। प्रभु हमारे सर्व शत्रु का नाश कीजिए, आपकी कृपा दृष्टि से सर्व रोगों का हरण कीजिए। हे राम दूत हम आपसे प्रार्थना करते हैं कि आपकी कृपा से हमारे सभी कार्य सफलता हों एवं कीर्ति की प्राप्ति हो। हे संकटमोचन प्रभु हम आपको प्रणाम करते हैं।

मंत्र का लाभ:
इस मंत्र के पठन से, मनुष्य को सर्व रोगों से मुक्ति मिलती है तथा सभी शत्रुओं पर विजय की प्राप्ति होती है। हनुमान बुरे वक्त की मार से रक्षा कर, समय को अनुकूल, सुख-समृद्ध भी कर देते हैं।

Om Namo Hanumate Rudravtaraya - Hanuman Mantra in English

Om Namo Hanumate Rudravtaraya Sarvasatru Sangharnaya । Sarva Rogharaya Sarva Vahsikarnaya Ramdutaya Swaha ॥
यह भी जानें

Mantra Hanuman MantraBalaji MantraBajrangbali MantraHanuman Janmotsav MantraMangalwar MantraTuesday MantraPawerful MantraDaily Mantra108 Hanuman Path MantraEnemy Destroyer MantraRudra Avtar MantraDiseases Removal Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

मंत्र ›

वक्रतुण्ड महाकाय - गणेश मंत्र

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

नामावलि: श्री गणेश अष्टोत्तर नामावलि

श्री गणेश के 108 नाम और उनसे जुड़े मंत्र। गजानन- ॐ गजाननाय नमः। गणाध्यक्ष- ॐ गणाध्यक्षाय नमः...

श्री बगला अष्टकम

॥ श्री बगलाष्टक ॥ पीत सुधा सागर में विराजत, पीत-श्रृंगार रचाई भवानी ।..

श्री महालक्ष्मी अष्टक

नमस्तेस्तू महामाये श्रीपिठे सूरपुजिते । शंख चक्र गदा हस्ते महालक्ष्मी नमोस्तूते ॥

भक्तामर स्तोत्र - भक्तामर-प्रणत-मौलि-मणि-प्रभाणा

भक्तामर-प्रणत-मौलि-मणि-प्रभाणा- मुद्योतकं दलित-पाप-तमो-वितानम् ।

श्री लक्ष्मी सुक्तम् - ॐ हिरण्यवर्णां हरिणींसुवर्णरजतस्रजाम्

हरिः ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम् । चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥..

मंत्र: णमोकार महामंत्र

णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं, णमो आयरियाणं, णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्व साहूणं।...

Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Bhakti Bharat APP