Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

श्री शिव गायत्री मन्त्र (Shri Shiv Gayatri Mantra)


श्री शिव गायत्री मन्त्र
शिव गायत्री मन्त्र भगवान शिव को समर्पित गायत्री मन्त्र है। हिन्दु धर्म में गायत्री मन्त्र को अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। धर्मग्रन्थों में विभिन्न देवी-देवताओं को समर्पित गायत्री मन्त्र वर्णित किये गये हैं, जिनमें से शिव गायत्री मन्त्र भी एक अत्यन्त विशेष महत्वपूर्ण मन्त्र है।
शिव गायत्री मन्त्र का जाप करने से मन निर्मल होता है तथा भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। शिव गायत्री मन्त्र ऊर्जा का भण्डार है तथा शिवभक्त इस मन्त्र का जाप यन्त्र साधना में भी करते हैं।

॥ भगवान शिव गायत्री मन्त्र ॥
ॐ महादेवाय विद्महे रुद्रमूर्तये धीमहि।
तन्नः शिवः प्रचोदयात्॥

मन्त्र का अनुवाद
हे देवों के देव महादेव! आप सर्वव्यापी हैं, हे साक्षात् रुद्र! हे संहारकर्ता!, हम आपका ध्यान करते हैं तथा सद्बुद्धि की प्राप्ति हेतु प्रार्थना करते हैं। हे परम पवित्र शिव! हमारे अन्तर्मन को अपने आत्मतेज रूपी प्रकाश से प्रकाशित करें।

ॐ - भगवान शिव का बीज मन्त्र।
महादेवाय - हे देवों के देव महादेव।
विद्महे - आप सर्वव्यापी हैं।
रुद्रमूर्तये - जो स्वयं रुद्र स्वरूप हैं।
धीमहि - हम आपका ध्यान करते हैं।
तन्नः शिवः - हे परम पवित्र शिव।
प्रचोदयात् - हमारे अन्तर्मन को आत्मतेज रूपी प्रकाश से प्रकाशित करें।

Shri Shiv Gayatri Mantra in English

Om Mahadevaya Vidmahe Rudramurtaye Dhimahi।
यह भी जानें

Mantra Shiv MantraBholenath MantraMahadev MantraShivaratri MantraRudra Gayatri MantraSavan Ke Somvar MantraMonday MantraSomwar MantraSomvati Amavasya Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम्

निशुम्भ शुम्भ गर्जनी, प्रचण्ड मुण्ड खण्डिनी । बनेरणे प्रकाशिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी ॥ त्रिशूल मुण्ड धारिणी..

श्री महालक्ष्मी अष्टक

नमस्तेस्तू महामाये श्रीपिठे सूरपुजिते । शंख चक्र गदा हस्ते महालक्ष्मी नमोस्तूते ॥

मंत्र: णमोकार महामंत्र

णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं, णमो आयरियाणं, णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्व साहूणं।...

भावयामि गोपालबालं

भावयामि गोपालबालं मन-स्सेवितं तत्पदं चिन्तयेहं सदा ॥ कटि घटित मेखला खचितमणि घण्टिका-पटल निनदेन विभ्राजमानम् ।

दीप प्रज्वलन मंत्र: शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यम्

यह दीप प्रज्वलन का मंत्र है। शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यम् धनसंपदा..

श्री लक्ष्मी सुक्तम् - ॐ हिरण्यवर्णां हरिणींसुवर्णरजतस्रजाम्

हरिः ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम् । चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥..

विष्णु सहस्रनाम: M.S.Subbulakshmi

भगवान श्री विष्णु के 1000 नाम! विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता...

Sawan 2026 - Sawan 2026
Sawan 2026 - Sawan 2026
Bhakti Bharat APP