Haanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

बच्चे की राजा को 4 शर्तें - प्रेरक कहानी (Bacche Ki Raja Ko Char Sharten)


बच्चे की राजा को 4 शर्तें - प्रेरक कहानी
Add To Favorites Change Font Size
एक बार एक राजा नगर भ्रमण को गया तो रास्ते में क्या देखता है कि, एक छोटा बच्चा माटी के खिलौनो को कान में कुछ कहता फिर तोड कर माटी में मिला रहा है।
राजा को बड़ा अचरज हुआ तो उसने बच्चे से पूछा कि तुम ये सब क्या कर रहे हो?
तो बच्चे ने जवाब दिया कि मैं इन से पूछता हूँ कि कभी राम नाम जपा? और माटी को माटी में मिला रहा हूँ।
तो राजा ने सोचा इतना छोटा सा बच्चा इतनी ज्ञान की बात..
राजा ने बच्चे से पूछा कि तुम मेरे साथ मेरे राजमहल में रहोगे?
तो बच्चे ने कहा कि जरुर रहूंगा पर मेरी चार शर्त है।

1) जब मैं सोऊं तब तुम्हें जागना पड़ेगा।
2) मैं भोजन खाऊंगा तुम्हें भूखा रहना पड़ेगा।
3) मैं कपड़े पहनूंगा मगर तुम्हें नग्न रहना पड़ेगा।
4) और जब मैं कभी मुसीबत में होऊ तो तुम्हें अपने सारे काम छोड़ कर मेरे पास आना पड़ेगा।

आप यदि हमारी ये सभी शर्तें मानते हैं, तो मैं आपके राजमहल में चलने को तैयार हूँ।

राजा ने कहा कि ये तो असम्भव है।
तो बच्चे ने कहा राजन तो मैं उस परमात्मा का आसरा छोड़ कर आपके आसरे क्यूँ रहूँ. जो खुद नग्न रहकर मुझे पहनाता है। खुद भूखा रह कर मुझे खिलाता है। खुद जागता है और मैं निश्चिंत सोता हूँ। और जब मैं किसी मुश्किल में होता हूँ, तो वो बिना बुलाए मेरे लिए अपने सारे काम छोड़ कर दौडा आता है।

कहने का भाव केवल इतना ही है कि हम लोग सब कुछ जानते समझते हुए भी बेकार के विषय विकारो में उलझ कर परमात्मा को भुलाए बैठे हैं।
यह भी जानें

Prerak-kahani King Prerak-kahaniRaja Prerak-kahaniBacche Ki Shart Prerak-kahaniRam Nam Japa Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Prerak-kahani ›

सन्त की दूरदर्शिता - प्रेरक कहानी

एक सन्त के पास 30 सेवक रहते थे। एक सेवक ने गुरुजी के आगे प्रार्थना की - महाराज जी! मेरी बहन की शादी है तो आज एक महीना रह गया है तो मैं दस दिन के लिए वहाँ जाऊँगा। गुरु की महिमा गुरु ही जाने।

मंजिल तक कैसे पहुँचा जाए - प्रेरक कहानी

एक बार एक संत ने अपने दो भक्तों को बुलाया और कहा आप को यहाँ से पचास कोस जाना है। एक भक्त को एक बोरी खाने के समान से भर कर दी और एक को खाली बोरी दी...

गोस्वामी तुलसीदास की श्री हनुमान जी से भेंट - सत्य कथा

गोस्वामी तुलसीदास द्वारा श्री हनुमान जी के दर्शन: गोस्वामी जी काशी मे प्रह्लाद घाटपर प्रतिदिन वाल्मीकीय रामायण की कथा सुनने जाया करतेे थे।..

आराम मे भी राम भाजो - प्रेरक कहानी

कुंदन काका प्रतियोगिता जीत चुके थे। उन्हें 1000 रुपये इनाम में दिए गए। तभी उस हारे हुए मजदूर ने पूछा- काका, मैं अपनी हार मानता हूँ। ..

भगवान् का विनिमय प्रस्ताव - प्रेरक कहानी

एक बार एक दुःखी भक्त अपने ईश्वर से शिकायत कर रहा था। आप मेरा ख्याल नहीं रखते, मैं आपका इतना बड़ा भक्त हूँ। आपकी सेवा करता हूँ, रात-दिन आपका स्मरण करता हूँ..

अपने वास्तविक कार्यों पर गंभीर बने - प्रेरक कहानी

बंगाल में नदिया के राजा कृष्णचंद्र के दरबार के नवरत्नों में से थे गोपाल भांड। वह अपनी सूझ-बूझ और चतुराई से राजा सहित...

विष्णु अर्पण - प्रेरक कहानी

कुछ पंडितों ने एक औरत को कहा - घर में तू विष्णु जी की फोटो रख ले और रोटी खाने से पहले उनके आगे रोटी की थाली रखना कर कहना है विष्णु अर्पण..

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP