Haanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

जैसी संगत वैसी रंगत - प्रेरक कहानी (Jaisi Sangat Vaisi Rangat)


Add To Favorites Change Font Size
एक बार एक भंवरे की मित्रता एक गोबरी कीड़े के साथ हो गई, कीड़े ने भंवरे से कहा कि भाई तुम मेरे सबसे अच्छे मित्र हो। इस लिये मेरे यहाँ भोजन पर आओ, अब अगले दिन भंवरा सुबह-सुबह तैयार हो गया और अपने बच्चो के साथ गोबरी कीड़े के यहाँ भोजन के लिये पहुँचा।
कीड़ा भी उन को देखकर बहुत खुश हुआ और सब का आदर करके भोजन परोसा। भोजन में गोबर की गोलियां परोसी गई और कीड़े ने कहा कि खाओ भाई रुक क्यों गए। भंवरा सोच में पड़ गया, कि मैने बुरे का संग किया। इस लिये मुझे तो, गोबर खाना ही पड़ेगा। भंवरा ने सोचा कि ये मुझे इस का संग करने से मिला और फल भी पाया।

अब इस को भी मेरे संग का फल मिलना चाहिये..
भंवरा बोला भाई! आज तो में आप के यहाँ भोजन के लिये आया। अब तुम कल मेरे यहाँ आओगे। अगले दिन कीड़ा तैयार होकर भंवरे के यहाँ पहुँचा। भवरे ने कीड़े को उठा कर, गुलाब के फूल में बिठा दिया और रस पिलाया। कीड़े ने खूब फूलो का रस पिया और मजे किये अपने मित्र का धन्यवाद किया और कहाँ मित्र तुम तो बहुत अच्छी जगह रहते हो और अच्छा खाते हो।

इस के बाद कीड़े ने सोचा क्यों न अब में यहीं रहूँ और ये सोच कर यही फूल में बैठा रहा, इतने में ही पास के मंदिर का पुजारी आया और फूल तोड़ कर ले गया। और चढ़ा दिया इस को प्रभु चरणों में... कीड़े को भगवान के दर्शन भी हुवे और उनके चरणों में बैठा
इस के बाद सन्ध्या में पुजारी ने सारे फूल इक्कठा किये और गंगा जी में छोड़ दिए। कीड़ा गंगा की लहरों पर लहर रहा था। और अपनी किस्मत पर हैरान था, कि कितना पूण्य हो गया।

इतने में ही भंवरा उड़ता हुवा कीड़े के पास आया और बोला मित्र अब बताओ क्या हाल है?
कीड़ा बोला भाई अब जन्म-जन्म के पापो से मुक्ति हो चुकी है। जहाँ गंगा जी में मरने के बाद अस्थियो को छोड़ा जाता है, वहाँ में जिन्दा ही आ गया हूं। ये सब मुझे तेरी मित्रता और अच्छी संगत का ही फल मिला है और ख़ुशी से निहाल हूं।
तेरा धन्यवाद ! जिसको में अपनी जन्नत समझता था वो गन्दगी थी और जो तेरी वजह से मिला
ये ही स्वर्ग है।

किसी महात्मा ने सही कहा है:
जैसे संग करोगे वैसे बन जाओगे
शराबी का संग करोगे, शराबी बन जाओगे ।
जुआरी का संग करोगे, जुआरी बन जाओगे ।
स्वार्थी या संग करोगे, स्वार्थी बन जाओगे ।
दानी का संग करोगे, दानी बन जाओगे ।
संतो, भक्तो का संग करोगे, तो प्रभु से प्रेम ।
यह भी जानें

Prerak-kahani Bhawara Prerak-kahaniGobar Prerak-kahaniGobar Ka Keeda Prerak-kahaniGanga Prerak-kahaniMandir Prerak-kahaniBhagwan Ke Charan Prerak-kahaniFriendship Prerak-kahaniFriend Prerak-kahaniDosti Prerak-kahaniGangaji Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Prerak-kahani ›

जगन्नाथ भगवान ने बचाया निर्धन मूर्तिकार को - सत्य कथा

भक्ति भारत द्वारा आप सभी भक्तों को जगन्नाथ जी की अपने निर्धन मूर्तिकार को बचने की सत्य कथा पहुँचा रहा है। एकबार जगन्नाथ पुरी नगरी में एक समय ऐसा चमत्कार हुआ जिसे सुनकर आज भी लोगों की आंखें नम हो जाती हैं।

जमींदार और मजदूर के कर्म का फल - प्रेरक कहानी

एक गांव में जमींदार और उसके एक मजदूर की साथ ही मौत हुई। दोनों यमलोक पहुंचे। धर्मराज ने जमींदार से कहा, ‘आज से तुम मजदूर की सेवा करोगे...

प्रतिदिन बदलते लक्ष्य - प्रेरक कहानी

एक लड़के ने एक बार एक बहुत ही धनवान व्यक्ति को देखकर धनवान बनने का निश्चय किया। वह धन कमाने के लिए कई दिनों तक मेहनत कर धन कमाने के पीछे पड़ा

गोस्वामी तुलसीदास द्वारा जगन्नाथ जी दर्शन - सत्य कथा

जगन्नाथ जी का दर्शन | जगन्नाथ जी ने आपके लिए प्रसाद भेजा है | मेरे मंदिर के चारों द्वारों पर हनुमान का पहरा है | वह स्थान तुलसी चौरा नाम से विख्यात हुआ..

भगवान को आपके धन की कोई आवश्यकता नहीं - प्रेरक कहानी

पुरानी बात है एक सेठ के पास एक व्यक्ति काम करता था। सेठ उस व्यक्ति पर बहुत विश्वास करता था। जो भी जरुरी काम हो सेठ हमेशा उसी व्यक्ति से कहता था...

जगन्नाथ जी का खिचड़ी भोग - सत्य कथा

कर्मा बाई जी, जगन्नाथ पुरी में रहती थी और भगवान को बचपन से ही पुत्र रूप में भजती थीं।

जगन्नाथ मंदिर में प्रेम के पद - सत्य कथा

जगन्नाथ जी की सत्य कथा : उड़ीसा में बैंगन बेचनेवाले की एक बालिका थी। दुनिया की दृष्टि से उसमें कोई अच्छाई नहीं थी।

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP