परशुराम मंदिर महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में चिपलुन के पास, मुंबई-गोवा राजमार्ग के मनोरम मार्ग पर स्थित है। श्रद्धालु शक्ति, साहस और धर्मपरायणता का आशीर्वाद पाने के लिए मंदिर में दर्शन करने आते हैं। यह मंदिर उस पौराणिक कथा से भी जुड़ा है जिसमें परशुराम ने समुद्र से भूमि को पुनः प्राप्त करके कोंकण क्षेत्र की रचना की थी।
परशुराम मंदिर के सामने दक्षिणमुखी श्री हनुमान का मंदिर है, जिसका निर्माण समर्थ रामदास स्वामी ने करवाया था। इसके बगल में शुभता के प्रतीक के रूप में गरुड़ राजा की एक छोटी प्रतिमा स्थापित है। गणेश जी के दर्शन के बाद मंदिर में प्रवेश करते ही सबसे पहले हनुमान मंदिर दिखाई देता है।
परम पूज्य श्री ब्रह्मेंद्रस्वामी पुण्यतिथि – इस माह में भगवान परशुराम के महान भक्त और परशुराम मंदिर के निर्माता परम पूज्य श्री ब्रह्मेंद्रस्वामी की पुण्यतिथि मनाई जाती है। इस दिन, स्वामी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर मंदिर में भगवान परशुराम की महापूजा और यथा संग पूजा की जाती है।
पवित्ररोपण – भगवान की श्रावणी (पवित्ररोपण) का अर्थ है कि भगवान की महापूजा के बाद, भगवान की जनावी बदली जाती है और उन्हें आभूषणों से सजाया जाता है। यह एकमात्र दिन है जब मंदिर दिन-रात दर्शन के लिए खुला रहता है। ग्रामीण और भक्त दिन-रात जागरण करते हैं।
परशुराम मंदिर, चिपलुन का इतिहास और वास्तुकला
❀ परशुराम मंदिर भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम को समर्पित एक प्राचीन मंदिर है। हिंदू मान्यता के अनुसार, परशुराम को चिरंजीवी (अमर) माना जाता है और ऐसा माना जाता है कि वे आज भी इस क्षेत्र में निवास करते हैं।
❀ भक्तिभारत के अनुसार, गर्भगृह में परशुराम के साथ-साथ अन्य देवी-देवताओं की भी मूर्तियां स्थापित हैं।
❀ माना जाता है कि यह मंदिर 500 वर्ष से अधिक पुराना है और मराठा शासक छत्रपति शाहू महाराज के आध्यात्मिक गुरु स्वामी ब्रह्मेंद्र गिरि द्वारा इसका जीर्णोद्धार किया गया था।
❀ यह मंदिर लेटराइट पत्थर और लकड़ी से निर्मित है। इसमें एक शांत प्रांगण और चारों ओर हरियाली है। मंदिर कोंकणी वास्तुकला की पारंपरिक शैली को दर्शाता है।
❀ यह मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि प्राकृतिक सुंदरता से घिरा एक शांत स्थान भी है, जो इसे कोंकण क्षेत्र में अवश्य देखने योग्य स्थान बनाता है।
परशुराम मंदिर चिपलुन का दर्शन समय:
परशुराम मंदिर चिपलुन पूरे सप्ताह खुला रहता है और दर्शन का समय सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक है।
परशुराम मंदिर चिपलुन के प्रमुख त्यौहार:
परशुराम मंदिर चिपलुन में परशुराम जयंती प्रमुख त्यौहार है। राम नवमी और अक्षय तृतीया भी धूमधाम से मनाई जाती हैं।
परशुराम मंदिर चिपलुन कैसे पहुँचें
परशुराम मंदिर चिपलुन सड़क मार्ग से NH-66 (मुंबई-गोवा राजमार्ग) के माध्यम से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। निकटतम स्टेशन कोंकण रेलवे पर चिपलुन रेलवे स्टेशन है और निकटतम हवाई अड्डा रत्नागिरी हवाई अड्डा है।
8 AM - 8 PM
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