हनुमान आरतीमनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं,बुद्धिमतां वरिष्ठम्॥ आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥..
श्री बालाजी आरतीॐ जय हनुमत वीरा, स्वामी जय हनुमत वीरा। संकट मोचन स्वामी तुम हो रनधीरा॥
ॐ जय जगदीश हरे आरतीॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
शंकराची आरती – जय जय त्र्यंबकराजजय जय त्र्यंबकराज गिरिजानाथा गंगाधरा हो ॥ त्रिशूलपाणी शंभो नीलग्रीवा शशिशेखरा हो ॥ वृषभारूढ फणिभुषण दशभुज पंचानन शंकरा हो ॥ विभूतिमाला जटा सुंदर गजचर्मांबरधरा हो ॥
श्री गणेश आरतीजय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥...