Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

आई होली सावरिया: भजन (Aae Holi Sawariya)


आई होली सावरिया: भजन
धूम मचाने आ जइयो आई होली सावरिया,
होली सावरिया आई होली सावरिया,
खेले सावरिया होली खेले सावरिया,
आके रंग जमा जइयो आई होली सावरिया ॥
ग्वालो की टोली संग गोपिया बुलाई है,
राधा जैसी गोरी गोरी सखियां भी आई है,
सामने तो छलिया तू आके दिखा,
आई होली सावरिया ॥

ढोल नगाड़ा और चंग बजायेंगे,
मुरली की धुन पर रास रचायेंगे,
ताल से ताल मिला ले जरा,
आई होली सावरिया ॥

मलेंगे गुलाल तेरे मारे पिचकारी,
आज न चलेगी कोई चाल तुम्हारी,
इतनी अकड़ न तो हमको दिखा,
आई होली सावरिया ॥

तेरे बिना श्याम सुनी सुनी लागे,
मोहन कौशिक और हरीश गुण गाके,
भक्तो के संग जरा नच के दिखा,
आई होली सावरिया ॥

Aae Holi Sawariya in English

Dhum Machane Aa Jaeyo Aae Holi Sawariya, Holi Sawariya Aae Holi Sawariya, Khele Sawariya Holi Khele Sawariya, Aake Rang Jama Jaeyo Aae Holi Sawariya ॥
यह भी जानें

Bhajan Shri Krishna BhajanBrij BhajanBaal Krishna BhajanBhagwat BhajanJanmashtami BhajanShri Shayam BhajanHoli BhajanPhagun Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

अपनी चौखट पर बुला ले एक बार - भजन

हे माँ... हे माँ... हे माँ... तरस रही हैं आँखें मेरी, माँ दिखा दे दीदार, पर्वत की रानी, त्रिकुटा भवानी, सुन ले मेरी पुकार, मैया... अपनी चौखट पे बुला ले एक बार।

महाकाल की गुलामी मेरे काम आ रही है - भजन

महाकाल की गुलामी, मेरे काम आ रही है, उनकी ही कृपा से, एकदम मस्त जिंदगी है..

महाकाल से नाता है - भजन

उनके सिवा अब इस दिल को, कोई और नहीं भाता है, महाकाल से नाता है, मेरा महाकाल से नाता है, महादेव से नाता है, मेरा महादेव से नाता है

महाकाल तेरी भक्ति ने बवाल कर दिया - भजन

तेरे कलयुग में भी भक्तो ने कमाल कर दिया, हो जय श्री महाकाल के नारे ने धमाल कर दिया, महाकाल तेरी भक्ति ने बवाल कर दिया,
महाकाल तेरी भक्ति ने बवाल कर दिया ॥

श्री हनुमान बाहुक

असहनीय कष्टों से हताश होकर अन्त में उसकी निवृत्ति के लिये गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमानजी की वन्दना आरम्भ की जो कि ४४ पद्यों के हनुमानबाहुक प्रसिद्ध स्तोत्र लिखा।

अमृत की बरसे बदरीया - भजन

अमृत की बरसे बदरीया, बाबा की दुअरिया, अमृत की बरसें बदरीया, बाबा की दुअरिया ॥

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी - भजन

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी, अँखियाँ प्यासी रे । मन मंदिर की जोत जगा दो..

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP