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तू प्यार का सागर है...


तू प्यार का सागर है, तेरी एक बूँद के प्यासे हम।
लौटा जो दिया तूने, चले जायेंगे जहां से हम।
॥ तू प्यार का सागर है...॥

घायल मन का पागल पंछी उड़ने को बेकरार।
पंख हैं कोमल, आँख है धुंदली, जाना है सागर पार।
अब तू ही इसे समझा, राह भूले थे कहाँ से हम।
॥ तू प्यार का सागर है...॥

इधर झूम के गाए जिन्दगी, उधर है मौत खड़ी।
कोई क्या जाने कहाँ है सीमा, उलझन आन पड़ी।
कानों में ज़रा कह दे के, आएं कौन दिशा से हम।
॥ तू प्यार का सागर है...॥

तू प्यार का सागर है, तेरी एक बूँद के प्यासे हम।
लौटा जो दिया तूने, चले जायेंगे जहां से हम।

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