Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

आदियोगी - दूर उस आकाश की गहराइयों में (Adiyogi The Source Of Yoga)


आदियोगी - दूर उस आकाश की गहराइयों में
आदियोगी - The Source of Yoga
दूर उस आकाश की गहराइयों में,
एक नदी से बह रहे हैं आदियोगी,
शून्य सन्नाटे टपकते जा रहे हैं,
मौन से सब कह रहे हैं आदियोगी,
योग के स्पर्श से अब योगमय करना है तन-मन,
साँस सास्वत सनन सनननन,
प्राण गुंजन धनन धन-धन,
उतरे मुझमे आदियोगी,
योग धारा चलत छण छण,
साँस सास्वत सनन सनननन,
प्राण गुंजन धनन धन-धन,
उतरे मुझमे आदियोगी,
उतरे मुझमे आदियोगी..

पीस दो अस्तित्व मेरा,
और कर दो चूरा चूरा,
पूर्ण होने दो मुझे और,
होने दो अब पूरा पूरा,
भस्म वाली रस्म कर दो आदियोगी,
योग उत्सव रंग भर दो आदियोगी,
बज उठे यह मन सितरी,
झणन झणन झणन झणन झन झन,

साँस सास्वत सनन सनननन,
प्राण गुंजन धनन धन-धन..
साँस सास्वत सनन सनननन,
प्राण गुंजन धनन धन-धन..

साँस सास्वत सनन सनननन,
प्राण गुंजन धनन धन-धन..

साँस सास्वत..
प्राण गुंजन..

उतरे मुझमे आदियोगी,
योग धारा छलक छन छन,
साँस सास्वत सनन सनननन,
प्राण गुंजन धनन धन-धन,
उतरे मुझमे आदियोगी..
उतरे मुझमे आदियोगी..

गीत - प्रसून जोशी, ध्वनि एवं रचना - कैलाश खेर

Adiyogi The Source Of Yoga in English

Door us aakash ki gehraiyon mein, Ek nadi se beh rahe hain Adiyogi...
यह भी जानें

Bhajan Shiv BhajanBholenath BhajanMahadev BhajanShivaratri BhajanYoga Day BhajanYoga BhajanYog Diwas BhajanInternational Yoga Day BhajanIsha Foundation BhajanIsha BhajanKailash Kher Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

चित्रकूट के घाट-घाट पर, शबरी देखे बाट - भजन

चित्रकूट के घाट घाट पर, शबरी देखे बाट, राम मेरे आ जाओ, राम मेरे आ जाओ...

कृष्ण कन्हैया बंसी बजैया - भजन

कृष्ण कन्हैया बंसी बजैया, नंदलाला घनश्याम रे, गोवर्धन गिरधारी कान्हा, तेरे कितने नाम रे, बोलो श्याम राधे श्याम, बोलो श्याम राधे श्याम...

एक नज़र बस एक नज़र, हम पे मोहन वार दे - भजन

एक नज़र बस एक नज़र, हम पे मोहन वार दे, ज़िन्दगी की डगमगाती, मेरी नैया तार दे ॥

कहियो दर्शन दीन्हे हो, भीलनियों के राम: भजन

पंथ निहारत, डगर बहारथ, होता सुबह से शाम, कहियो दर्शन दीन्हे हो..

फूलों में सज रहे हैं - भजन

फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन बिहारी, और साथ सज रही है, वृषभानु की दुलारी ॥

कृपा करे रघुनाथ जी, म्हने सत देवे सीता माता: भजन

कृपा करे रघुनाथ जी, म्हने सत देवे सीता माता, श्री बालाजी महाराज, म्हारे बल बुद्धि रा दाता ॥

कृष्ण जिनका नाम है - भजन

कृष्ण जिनका नाम है, गोकुल जिनका धाम है, ऐसे श्री भगवान को...

Shri Krishna Bhajan - Shri Krishna Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP