Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

आदियोगी - दूर उस आकाश की गहराइयों में (Adiyogi The Source Of Yoga)


आदियोगी - दूर उस आकाश की गहराइयों में
आदियोगी - The Source of Yoga
दूर उस आकाश की गहराइयों में,
एक नदी से बह रहे हैं आदियोगी,
शून्य सन्नाटे टपकते जा रहे हैं,
मौन से सब कह रहे हैं आदियोगी,
योग के स्पर्श से अब योगमय करना है तन-मन,
साँस सास्वत सनन सनननन,
प्राण गुंजन धनन धन-धन,
उतरे मुझमे आदियोगी,
योग धारा चलत छण छण,
साँस सास्वत सनन सनननन,
प्राण गुंजन धनन धन-धन,
उतरे मुझमे आदियोगी,
उतरे मुझमे आदियोगी..

पीस दो अस्तित्व मेरा,
और कर दो चूरा चूरा,
पूर्ण होने दो मुझे और,
होने दो अब पूरा पूरा,
भस्म वाली रस्म कर दो आदियोगी,
योग उत्सव रंग भर दो आदियोगी,
बज उठे यह मन सितरी,
झणन झणन झणन झणन झन झन,

साँस सास्वत सनन सनननन,
प्राण गुंजन धनन धन-धन..
साँस सास्वत सनन सनननन,
प्राण गुंजन धनन धन-धन..

साँस सास्वत सनन सनननन,
प्राण गुंजन धनन धन-धन..

साँस सास्वत..
प्राण गुंजन..

उतरे मुझमे आदियोगी,
योग धारा छलक छन छन,
साँस सास्वत सनन सनननन,
प्राण गुंजन धनन धन-धन,
उतरे मुझमे आदियोगी..
उतरे मुझमे आदियोगी..

गीत - प्रसून जोशी, ध्वनि एवं रचना - कैलाश खेर

Adiyogi The Source Of Yoga in English

Door us aakash ki gehraiyon mein, Ek nadi se beh rahe hain Adiyogi...
यह भी जानें

Bhajan Shiv BhajanBholenath BhajanMahadev BhajanShivaratri BhajanYoga Day BhajanYoga BhajanYog Diwas BhajanInternational Yoga Day BhajanIsha Foundation BhajanIsha BhajanKailash Kher Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

कोई लाख करे चतुरायी: भजन

कोई लाख करे चतुरायी, करम का लेख मिटे ना रे भाई, जरा समझो इसकी सच्चाई रे...

भजन: अमृत बेला गया आलसी सो रहा बन आभागा !

बेला अमृत गया, आलसी सो रहा, बन आभागा, साथी सारे जगे, तू न जागा...

सजधज कर जिस दिन, मौत की शहजादी आएगी: भजन

सजधज कर जिस दिन, मौत की शहजादी आएगी, ना सोना काम आएगा..

भजन: कभी धूप कभी छाँव

सुख दुःख दोनों रहते जिस में, जीवन है वो गाओं, कभी धूप कभी छाँव

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं: भजन

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं, बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा, कभी गिरते हुए को उठाया नही..

दुनिया बनाने वाले महिमा तेरी निराली - भजन

दुनिया बनाने वाले महिमा तेरी निराली। चन्दा बनाया शीतल सूरज में आग डाली। ऊँचे शिखर गिरी के आकाश चूमते हैं...

भजन: हर बात को भूलो मगर..

हर बात को भूलो मगर, माँ बाप मत भूलना, उपकार इनके लाखों है, इस बात को मत भूलना ॥ धरती पर देवो को पूजा..

Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP