Shri Krishna Bhajan

गणपति मेरे अँगना पधारो: भजन (Ganpati Mere Angana Padharo)


गणपति मेरे अँगना पधारो: भजन
गणपति मेरे अंगना पधारो,
आस तुमसे लगाए हुए है,
काज कर दो हमारे भी पुरे,
तेरे चरणों में हम तो खड़े है,
गणपति मेरे अँगना पधारो ॥
कितनी श्रद्धा से मंडप सजाया,
अपने घर में ये उत्सव मनाया,
सच्चे मन से ये दीपक जलाया,
भोग मोदक का तुमको लगाया,
रिद्धि सिद्धि को संग लेके आओ,
हाथ जोड़े ये विनती किए है,
गणपति मेरे अँगना पधारो ॥

विघ्नहर्ता हो तुम दुःख हरते,
अपने भक्तो का मंगल हो करते,
हे चतुर्भुज हे सिद्धिविनायक,
उसकी सुखो से झोली हो भरते,
रहते शुभ लाभ संग में तुम्हारे,
हाथ पुस्तक मोदक लिए है,
गणपति मेरे अँगना पधारो ॥

करते वंदन हे गौरी के लाला,
मेरे जीवन में करदो उजाला,
पिता भोले है गणपति तुम्हारे,
सभी देवों के तुम ही हो प्यारे,
इस ‘गिरी’ की भी सुध लेलो बप्पा,
काज कितनो के तुमने किए है,
गणपति मेरे अँगना पधारो ॥

गणपति मेरे अंगना पधारो,
आस तुमसे लगाए हुए है,
काज कर दो हमारे भी पुरे,
तेरे चरणों में हम तो खड़े है,
गणपति मेरे अँगना पधारो ॥

Ganpati Mere Angana Padharo in English

Ganpati Mere Angana Padharo, Aas Tumase Lagae Hue Hai, Kaj Kar Do Humare Bhi pure, Tere Charanon Mein Hum to Khade Hai, Ganpati Mere Angana Padharo ॥
यह भी जानें

Bhajan Vighneswaray BhajanShri Ganesh BhajanShri Vinayak BhajanGanpati BhajanGanpati Bappa BhajanGaneshotsav BhajanGajanan BhajanGanesh Chaturthi BhajanChaturthi Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार - भजन

दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार, यहाँ पे भी जो हारा, कहाँ जाऊंगा सरकार॥

ओम अनेक बार बोल: भजन

ओम अनेक बार बोल, प्रेम के प्रयोगी। है यही अनादि नाद, निर्विकल्प निर्विवाद।...

तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का - भजन

रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने, वही ये सृष्टि चला रहे है, जो पेड़ हमने लगाया पहले...

भवसागर तारण कारण हे - प्रार्थना

भवसागर तारण कारण हे । रविनन्दन बन्धन खण्डन हे ॥ शरणागत किंकर भीत मने..

आजा.. नंद के दुलारे हो..हो..: भजन

आजा.. नंद के दुलारे हो..हो.., रोवे अकेली मीरा..आ.., आजा.. नंद के दुलारे हो..हो.. - विधि देशवाल

ऐ मुरली वाले मेरे कन्हैया, बिना तुम्हारे..

ऐ मुरली वालें मेरे कन्हैया, बिना तुम्हारे तड़प रहे हैं। तुम्हारी यादों में प्राण प्यारे, आंखों से आंसू छलक रहे हैं..

बजरंग बाण

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥

Ram Bhajan - Ram Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP